आरईसी लिमिटेड ने राजस्थान पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड के लिए एसपीवी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड को सौंप दिया
यह हस्तांतरण भारत की पहली हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन परियोजना है, जिसे टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से निजी क्षेत्र को दिया गया है।

विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आरईसी लिमिटेड की सहायक कंपनी आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल) ने राजस्थान पार्ट I
पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड परियोजना के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) को सौंप दिया। यह हस्तांतरण भारत की पहली हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन परियोजना है, जिसे टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से निजी क्षेत्र को दिया गया है।
22,700 करोड़ रुपये की इस परियोजना में राजस्थान के भादला और उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में 6,000 मेगावाट की क्षमता वाले दो एचवीडीसी टर्मिनल स्टेशनों की स्थापना शामिल है। इस परियोजना में 955 किलोमीटर तक फैली +800 केवी एचवीडीसी लाइन और संबंधित कार्य भी शामिल हैं। इसे बिल्ड, ओन, ऑपरेट और ट्रांसफर (बीओओटी) के आधार पर विकसित किया जाएगा और 54 महीनों में क्रियान्वित किया जाएगा।
