बिजली क्षेत्र को कोयला प्रेषण में पिछले चार दिनों में स्पष्ट रूप से निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। दैनिक रेक लोडिंग 3 सितंबर 2026 को 370 से बढ़कर 6 सितंबर 2026 को 444 रेक हो गई है, जिससे कुल 74 रेक की वृद्धि हुई है। 6 सितंबर को अकेले 31 रेक की एकदिवसीय वृद्धि इस अवधि की सबसे मजबूत उपलब्धि रही।

यह सुधार कोल इंडिया लिमिटेड, इसकी सहायक कंपनियों, एससीसीएल तथा कैप्टिव खदान संचालकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। लगभग प्रत्येक प्रमुख उत्पादक कंपनी ने 6 सितंबर को पिछले दिन की तुलना में उच्च लोडिंग दर्ज की।

6 सितंबर 2026 को दर्ज प्रमुख वृद्धि

  • एमसीएल ने सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की, जिसमें 12 रेक जोड़कर दैनिक लोडिंग 111 रेक हो गई।
  • कैप्टिव ब्लॉक लोडिंग में 6 रेक की वृद्धि होकर यह 72 रेक हो गई।
  • बीसीसीएल में 8 रेक की सुधार के साथ लोडिंग 25 रेक पहुँची।
  • एनसीएल में 3 रेक की वृद्धि होकर यह 35 रेक हो गई।
  • प्राइवेट वॉशरी एवं गुडशेड्स में 3 रेक की वृद्धि के साथ लोडिंग 42 रेक रही।
  • सीसीएल और एसईसीएल में क्रमशः 2 एवं 1 रेक की वृद्धि हुई, जिससे उनकी लोडिंग 36 एवं 46 रेक हो गई।
  • ईसीएल और डब्ल्यूसीएल ने अपने पूर्व स्तर क्रमशः 23 एवं 29 रेक बनाए रखे।

इसके परिणामस्वरूप कुल सीआईएल साइडिंग लोडिंग 6 सितंबर को 305 रेक पहुँची, जो पिछले दिन की तुलना में 26 रेक अधिक है।

महत्वपूर्ण संयंत्रों पर निरंतर ध्यान

नियामक आवश्यकता के 25 प्रतिशत से कम कोयला स्टॉक वाले थर्मल पावर स्टेशनों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। इन संयंत्रों पर सुधारात्मक आपूर्ति उपाय पहले से ही लागू हैं। कोयला मंत्रालय एवं कोल इंडिया लिमिटेड ने रेक लोडिंग में हालिया सुधार को बनाए रखने पर अपना ध्यान केंद्रित रखा है, ताकि बिजली क्षेत्र की माँग बिना किसी व्यवधान के पूरी हो सके।

चार दिनों में 444 रेक प्रतिदिन की वृद्धि यह दर्शाती है कि सार्वजनिक क्षेत्र एवं कैप्टिव उत्पादकों के निरंतर परिचालन प्रयासों से बिजली संयंत्रों को कोयले की आवाजाही बढ़ रही है।