22 जुलाई को विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों  ने कागजात फाड़े और उन्हें हवा में उछाल दिया, जिससे राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया। यह हंगामा केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पाइवेयर पेगासस का उपयोग करके कथित जासूसी पर एक बयान पढ़ते समय हुआ।
 
 
 
पेगासस मुद्दे पर बयान देने के लिए वैष्णव को बुलाए जाने पर टीएमसी और विपक्षी दल के अन्य सदस्य सदन के वेल में पहुंच गए।
 
 
 
विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और कागजात फाड़ दिए  जिससे वैष्णव  अपने  बयान की  को प्रस्तुत करने वाले थे। 
 
 
चूंकि कागज हवा में उछाले गए थे जिसकी वजह से मंत्री अपना बयान पूरा नहीं कर सके और इसकी एक प्रति सदन के पटल पर रख दी और कहा, "18 जुलाई, 2021 को एक वेब पोर्टल द्वारा एक बेहद सनसनीखेज कहानी प्रकाशित की गई थी। कई  आरोप इस कहानी के इर्द-गिर्द लगाए गए। संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले प्रेस रिपोर्ट सामने आई। यह कोई संयोग तो नहीं हो सकता।"
 
 
 
विपक्षी सांसदों ने दिन के पहले भाग में भी कार्यवाही को रोक दिया था, दो स्थगन को मजबूर कर दिया था, यहां तक ​​​​कि आधिकारिक तौर पर सूचीबद्ध कागजात भी नहीं रखे गए थे।
 
 
 
 
लोकसभा और राज्यसभा सत्र के पहले दो दिन 19 जुलाई और 20 जुलाई को विपक्षी सदस्यों के विरोध से बाधित रहे। जबकि लोकसभा दोनों दिनों में कामकाज नहीं कर सकी, राज्यसभा सदस्यों ने 20 जुलाई को चार घंटे के लिए COVID-19 प्रबंधन पर चर्चा की।
 
 
 
सत्र 22 जुलाई को ईद-उल-अजहा के कारण एक दिन के ब्रेक के बाद फिर से शुरू हुआ।
 
 
 
 
 
उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही को शेष दिन के लिए स्थगित करने से पहले सदस्यों से असंसदीय व्यवहार से दूर रहने को कहा।
 
(पीटीआई इनपुट के साथ)