मुख्यमंत्री पद को लेकर गतिरोध की अफवाहों को खारिज करते हुए शिवसेना नेता दीपक केसरकर ने सोमवार को स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की नई सरकार के गठन में देरी के पीछे कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कारण नहीं हैं। केसरकर ने जोर देकर कहा कि शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर के लिए पहले ही तय हो चुका है और राज्य के अगले नेता को निर्धारित करने के लिए अंतिम चर्चा सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।

केसरकर ने बढ़ती अटकलों पर टिप्पणी करते हुए कहा, "यह कहना गलत है कि एकनाथ शिंदे ही कारण हैं कि राज्य में सरकार नहीं बन पा रही है।"

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं और मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा आज की जाएगी।’’

उन्होंने दोहराया कि शिंदे ने निर्णय को दृढ़तापूर्वक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में सौंप दिया है, जिससे महायुति गठबंधन की एकता और उद्देश्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।

महायुति गठबंधन - जिसमें भाजपा, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार का राकांपा गुट शामिल है - ने 20 नवंबर के विधानसभा चुनावों में 288 में से 230 सीटें जीतकर शानदार जीत हासिल की।

भाजपा को 132 सीटें, शिवसेना को 57 और एनसीपी को 41 सीटें मिलने के साथ, सरकार गठन में भाजपा के अग्रणी रहने की उम्मीद है, तथा मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस सबसे आगे चल रहे हैं।