Tata Motors शेयर आवंटन: कर्मचारियों को 41,981 शेयर, ₹2 प्रति शेयर एक्सरसाइज मूल्य
Tata Motors ने कर्मचारी प्रोत्साहन योजना में 41,981 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। ₹2 प्रति शेयर एक्सरसाइज मूल्य वाले इस आवंटन से कंपनी की चुकता शेयर पूंजी बढ़ी

Tata Motors शेयर आवंटन: कंपनी ने 30 अक्टूबर, 2026 को BSE को दी गई फाइलिंग में कर्मचारी प्रोत्साहन योजना के तहत 41,981 इक्विटी शेयरों के आवंटन की जानकारी दी। निदेशक मंडल से अधिकृत आवंटन समिति ने उसी दिन हुई बैठक में इसे मंजूरी दी। शेयर पात्र कर्मचारियों को Performance Share Units के एक्सरसाइज के आधार पर आवंटित किए गए हैं।
यह आवंटन Tata Motors Limited Share-based Long Term Incentive Scheme के तहत हुआ है। कर्मचारियों ने कुल 41,981 Performance Share Units एक्सरसाइज किए, जिसके बदले उन्हें उतनी ही संख्या में इक्विटी शेयर मिले। फाइलिंग में कंपनी का नाम Tata Motors Limited और उसका पूर्व नाम TML Commercial Vehicles Limited बताया गया है।
अंकित मूल्य और एक्सरसाइज मूल्य दोनों ₹2
आवंटित प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य ₹2 है और सभी शेयर पूरी तरह चुकता हैं। इन इकाइयों के लिए एक्सरसाइज मूल्य भी ₹2 प्रति शेयर रखा गया। इस तरह फाइलिंग में शेयरों के अंकित मूल्य, भुगतान की स्थिति और कर्मचारी इकाइयों के एक्सरसाइज मूल्य का अलग-अलग उल्लेख किया गया है।
कंपनी ने योजना से जुड़े पहले के पत्राचार का भी संदर्भ दिया। इसके मुताबिक, National Stock Exchange of India Limited और BSE Limited ने 30 मार्च, 2026 के अपने पत्रों के जरिए योजना के संबंध में सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। 30 अक्टूबर की सूचना में कंपनी ने आवंटन समिति के निर्णय और उससे शेयर पूंजी में हुए बदलाव का विवरण एक्सचेंजों को सौंपा है।
आवंटन के बाद शेयर पूंजी की स्थिति
नए शेयरों के आवंटन के बाद कंपनी की चुकता इक्विटी शेयर पूंजी बढ़ गई है। फाइलिंग में आवंटन से पहले और बाद की स्थिति इस प्रकार दी गई है:
| विवरण | आवंटन से पहले | आवंटन के बाद |
|---|---|---|
| चुकता इक्विटी शेयर पूंजी | ₹7,36,55,78,704 | ₹7,36,56,62,666 |
| कुल इक्विटी शेयर | 3,68,27,89,352 | 3,68,28,31,333 |
कंपनी ने स्पष्ट किया कि नए शेयर सभी मामलों में मौजूदा इक्विटी शेयरों के समान अधिकार वाले होंगे, जिसे फाइलिंग में ‘pari passu’ कहा गया है। दोनों स्थितियों में प्रति शेयर अंकित मूल्य ₹2 है। यह खुलासा SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत किया गया। कंपनी ने एक्सचेंजों से इस जानकारी को अपने रिकॉर्ड में लेने का अनुरोध किया है।
