Fino Payments Bank का UPSI कोड संशोधित किया गया है। बैंक ने 29 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसके निदेशक मंडल ने उसी दिन हुई बैठक में अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी यानी UPSI के निष्पक्ष प्रकटीकरण से जुड़ी संहिता में संशोधन मंजूर किए। बैंक ने यह दस्तावेज SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध नियम, 2015 के विनियम 8 के तहत एक्सचेंजों को सौंपा है।

संशोधित संहिता का चौथा संस्करण 29 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है। यह बैंक के नामित व्यक्तियों, उनके निकट संबंधियों और UPSI रखने वाले या उस तक पहुंच रखने वाले व्यक्तियों पर लागू होती है। बैंक ने बताया कि यह दस्तावेज उसकी वेबसाइट www.fino.bank.in पर भी उपलब्ध होगा।

सूचना साझा करने और सार्वजनिक करने के नियम

संहिता में UPSI तक पहुंच केवल आवश्यकता के आधार पर देने का प्रावधान है। ऐसी जानकारी वैध उद्देश्यों, कर्तव्यों के निर्वहन या कानूनी दायित्वों को पूरा करने के लिए ही साझा की जा सकती है। इसके प्रमुख प्रावधान हैं:

  • कीमत निर्धारण को प्रभावित करने वाली विश्वसनीय और ठोस जानकारी बनते ही उसका शीघ्र सार्वजनिक प्रकटीकरण किया जाए।
  • जानकारी का समान और व्यापक प्रसार हो, ताकि चुनिंदा लोगों तक ही सूचना पहुंचने की स्थिति से बचा जा सके।
  • अनजाने में या अन्य तरीके से चुनिंदा लोगों को UPSI मिलने पर उसे तत्काल सार्वजनिक किया जाए।
  • कर्मचारियों, निदेशकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के सोशल मीडिया समूहों में UPSI पर चर्चा करने पर प्रतिबंध रहे।
  • प्रकटीकरण सभी महत्वपूर्ण पहलुओं में पूर्ण हो और भ्रामक न हो।

संहिता नियामकीय अधिकारियों की ओर से समाचार रिपोर्टों और बाजार की अफवाहों के सत्यापन के लिए पूछे गए सवालों का उचित और निष्पक्ष जवाब देने का भी प्रावधान करती है।

विश्लेषक बैठकों और अनुपालन अधिकारी की भूमिका

बैंक के अनुपालन अधिकारी ही मुख्य निवेशक संबंध अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। उनकी जिम्मेदारी सूचना का प्रसार, UPSI का प्रकटीकरण और नियामकीय अधिकारियों के संबंधित सवालों का जवाब देना होगी।

विश्लेषकों और शोध कर्मियों से साझा जानकारी सामान्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए और उसमें UPSI शामिल नहीं होनी चाहिए। वैकल्पिक रूप से, साझा की गई जानकारी उसी समय सार्वजनिक की जाएगी। विश्लेषक बैठकों और निवेशक संबंध सम्मेलनों की प्रतिलिपियां या कार्यवाही के रिकॉर्ड आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया विकसित करने का भी प्रावधान है।

निदेशक मंडल समय-समय पर संहिता की समीक्षा और संशोधन करेगा। लागू नियमों से असंगति होने पर संबंधित कानूनी प्रावधान प्रभावी होंगे। बैंक ने UPSI साझा करने के लिए वैध उद्देश्यों के निर्धारण की अलग नीति भी बनाई है।