SRF Q2 नतीजे: मुनाफा 31% बढ़कर ₹509 करोड़, बैटरी फॉयल संयंत्र पर ₹600 करोड़ निवेश मंजूर
SRF का दूसरी तिमाही में मुनाफा 31% बढ़कर ₹509 करोड़ और राजस्व ₹4,904 करोड़ रहा। बोर्ड ने बैटरी के लिए एल्युमिनियम फॉयल संयंत्र पर ₹600 करोड़ निवेश मंजूर किया।

SRF Q2 नतीजे: SRF Ltd ने 21 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में उसका समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 31% बढ़कर ₹509 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में मुनाफा ₹388 करोड़ था। बोर्ड ने दूसरी तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी।
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व 35% बढ़कर ₹4,904 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹3,640 करोड़ था। परिचालन EBIT यानी ब्याज और कर से पहले परिचालन आय 26% बढ़कर ₹816 करोड़ रही, जबकि पिछले साल यह ₹650 करोड़ थी।
पहली छमाही में SRF का राजस्व 33% बढ़कर ₹9,937 करोड़ पहुंचा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹7,459 करोड़ था। इस दौरान शुद्ध मुनाफा 55% बढ़कर ₹1,268 करोड़ रहा, जबकि तुलनात्मक अवधि में यह ₹820 करोड़ था।
फिल्म्स और टेक्निकल टेक्सटाइल्स का परिचालन लाभ बढ़ा
- Chemicals कारोबार का राजस्व 25% बढ़कर ₹2,079 करोड़ और परिचालन लाभ 10% बढ़कर ₹528 करोड़ रहा।
- Performance Films & Foil का राजस्व 51% बढ़कर ₹2,122 करोड़ पहुंचा। परिचालन लाभ 73% बढ़कर ₹206 करोड़ रहा।
- Technical Textiles का राजस्व 25% बढ़कर ₹595 करोड़ और परिचालन लाभ 71% बढ़कर ₹72 करोड़ रहा।
Fluorochemicals कारोबार में रेफ्रिजरेंट की बिक्री मात्रा मजबूत रही और प्रमुख उत्पादों की कीमतों से समर्थन मिला। Specialty Chemicals कारोबार को वैश्विक कीमतों में बदलाव, चीन में अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच काम करना पड़ा।
फिल्म्स कारोबार ने तिमाही में अब तक का सर्वाधिक पैक्ड उत्पादन हासिल किया। हालांकि, पहली तिमाही में अधिक खरीदारी के बाद भंडार बढ़ने से दूसरी तिमाही की मांग सीमित रही। एल्युमिनियम फॉयल की मांग स्वस्थ रही।
बैटरी फॉयल क्षमता दो चरणों में बनेगी
बोर्ड ने भारत में बैटरी-ग्रेड एल्युमिनियम फॉयल संयंत्र स्थापित करने के लिए लगभग ₹600 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। प्रस्तावित कुल क्षमता लगभग 12,000 मीट्रिक टन सालाना होगी। संयंत्र lithium-ion और sodium-ion बैटरियों के लिए फॉयल बनाएगा, जिसका उपयोग ऊर्जा भंडारण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्रों में होगा।
निवेश दो चरणों में प्रस्तावित है। प्रत्येक चरण की अनुमानित लागत ₹300 करोड़ है। पहला चरण सितंबर 2028 और दूसरा सितंबर 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है।
30 सितंबर 2026 तक कंपनी ने कुल 539 पेटेंट आवेदन दाखिल किए थे और उसे वैश्विक स्तर पर 160 पेटेंट मिल चुके थे।
