Nectar Lifesciences GST विवाद: हाई कोर्ट ने दोबारा विचार के लिए लौटाया मामला
Nectar Lifesciences के GST विवाद में हाई कोर्ट ने मामला अपीलीय प्राधिकरण को लौटाया है। ₹89.32 करोड़ और ₹6.24 करोड़ की मांगों पर अंतिम देनदारी अभी तय नहीं है।

Nectar Lifesciences GST विवाद में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मामला नए सिरे से विचार के लिए अपीलीय प्राधिकरण को वापस भेज दिया है। कंपनी ने 3 अक्टूबर, 2026 को BSE में दाखिल जानकारी में बताया कि अदालत का आदेश 24 सितंबर, 2026 का है और उसे यह आदेश 3 अक्टूबर को प्राप्त हुआ।
विवाद में ₹89.32 करोड़ और ₹6.24 करोड़ की कर मांगें शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, अपीलीय प्राधिकरण के पुनर्विचार में उसे इन मांगों का भुगतान करना पड़ सकता है। ₹89.32 करोड़ की मांग के साथ ब्याज और जुर्माने का संभावित जोखिम भी है। हालांकि, अंतिम देनदारी की राशि फिलहाल निर्धारित नहीं है।
यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग नियमों के Regulation 30 के तहत दी गई है। कंपनी ने इससे पहले 24 मार्च, 2026 को एक्सचेंजों को इस मामले में नियामकीय घटनाक्रम की सूचना दी थी।
पहले अपीलीय आदेश में क्या तय हुआ था?
Commissioner (Appeal) ने 27 मई, 2025 के आदेश में कर मांगों और व्यक्तिगत जुर्मानों पर अलग-अलग निर्णय दिए थे। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, उस आदेश में:
- ₹17.06 लाख के अपात्र Input Tax Credit (ITC) की पुष्टि की गई थी। इसमें CGST और SGST के ₹8.53 लाख प्रत्येक शामिल थे। इसके बराबर जुर्माना भी लगाया गया था।
- इस मुद्दे पर शेष ₹89.32 करोड़ की मांग, उससे जुड़े लागू ब्याज और जुर्माने हटा दिए गए थे।
- ₹6.24 करोड़ की मांग GST कानून के अनुसार नए सिरे से निर्णय के लिए उचित अधिकारी को लौटाई गई थी। पहले चुकाए गए कर और ब्याज का समायोजन करने का निर्देश भी था।
- Chairman & Managing Director Sanjiv Goyal तथा पूर्व कर्मचारियों R. K. Aggarwal और Sandeep Goel पर लगाए गए ₹25,000 प्रत्येक के व्यक्तिगत जुर्माने रद्द कर दिए गए थे।
कर विभाग की याचिका पर लौटा मामला
Principal Commissioner of CGST Commissionerate, Ludhiana ने मई, 2025 के अपीलीय आदेश को हाई कोर्ट में दीवानी रिट याचिका के जरिए चुनौती दी थी। विभाग ने आदेश रद्द करने, मूल आदेश बहाल करने और चुनौती दिए गए आदेश के अमल पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी।
हाई कोर्ट ने मामला अपीलीय प्राधिकरण को पुनर्विचार के लिए भेजा है। फाइलिंग में किसी नई अंतिम देनदारी का निर्धारण नहीं बताया गया है। Nectar Lifesciences ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह Tribunal में अपील करने का अधिकार सुरक्षित रखती है। कंपनी BSE पर 532649 और NSE पर NECLIFE के रूप में सूचीबद्ध है।
