Fredun Pharmaceuticals ने 3 अक्टूबर, 2026 को BSE में दी गई जानकारी में बताया कि उसके बोर्ड ने 60,800 परिवर्तनीय वारंट के बदले 1,82,400 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। Fredun Pharmaceuticals शेयर आवंटन के तहत ये शेयर 10 गैर-प्रवर्तक निवेशकों को दिए गए हैं। कंपनी के 1:2 बोनस इश्यू के बाद वारंट से मिलने वाले शेयरों की संख्या समायोजित की गई थी।

आवंटित शेयर पूरी तरह चुकता हैं और प्रत्येक का अंकित मूल्य 10 रुपये है। कंपनी के अनुसार, वारंट धारकों ने शेष प्रतिफल का भुगतान करने के बाद अपने वारंट को इक्विटी शेयरों में बदलने के अधिकार का इस्तेमाल किया। इसके बाद बोर्ड ने 3 अक्टूबर की बैठक में आवंटन किया।

BSE पर कंपनी का स्क्रिप कोड 539730 है। दाखिल दस्तावेज में इस प्रक्रिया को पहले जारी किए गए वारंट के रूपांतरण से जुड़ा तरजीही आवंटन बताया गया है।

बोनस के बाद प्रत्येक वारंट पर तीन शेयर

शेयरधारकों ने 22 अक्टूबर, 2025 की असाधारण आम बैठक में वारंट जारी करने को मंजूरी दी थी। इसके आधार पर कंपनी ने 29 दिसंबर, 2025 को संबंधित निवेशकों को तरजीही आधार पर परिवर्तनीय वारंट आवंटित किए थे।

  • मूल निर्गम मूल्य 1,250 रुपये प्रति वारंट था।
  • इसमें से 25 प्रतिशत, यानी 312.50 रुपये प्रति वारंट, अग्रिम देय था।
  • बाद में 1:2 बोनस इश्यू के कारण बकाया वारंट की पात्रता और संबंधित एक्सरसाइज मूल्य समायोजित किए गए।
  • समायोजन के बाद प्रत्येक वारंट पर तीन इक्विटी शेयर की पात्रता बनी। इस आधार पर 60,800 वारंट से 1,82,400 शेयर आवंटित हुए।

कंपनी ने बताया कि रूपांतरित किए गए इन 60,800 वारंट का पूरा प्रतिफल प्राप्त हो चुका है। फाइलिंग में मूल वारंट मूल्य और बोनस के बाद शेयरों की पात्रता का विवरण अलग-अलग दिया गया है।

मौजूदा शेयरों के समान अधिकार

आवंटन पाने वालों में Rashmi Jain, Swati Goel, Divya Aggarwal, Reshma M Kukreja, Girdhari T Jaisinghani और Nikhil R Jaisinghani शामिल हैं। अन्य निवेशक R. R. Family Trust, Vivek Dhir, Ceramet Consultants Private Limited और Nav Ratan Bhaiya हैं। फाइलिंग में सभी को गैर-प्रवर्तक श्रेणी में रखा गया है।

कंपनी के अनुसार, शेयर डीमैट स्वरूप में दिए जाएंगे और सभी मामलों में मौजूदा इक्विटी शेयरों के समान अधिकार रखेंगे। बोर्ड बैठक शाम 4 बजे शुरू होकर 5:15 बजे समाप्त हुई। आवंटन का विवरण SEBI के सूचीबद्धता नियमों के विनियमन 30 के तहत BSE को सौंपा गया है।