JSW Steel जाजंग खदान से जुड़े दो मांग पत्रों पर उड़ीसा हाई कोर्ट के फैसले आए हैं। कंपनी ने 18 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि अदालत ने पांचवें साल का मांग पत्र रद्द करके मामला संबंधित प्राधिकरण को नए सिरे से निर्णय के लिए भेजा है। पहले साल के मामले में कंपनी का मानना है कि अदालत के निर्देशों के आधार पर मांग पत्र रद्द हो गया है। दोनों फैसले 16 अक्टूबर, 2026 को सुनाए गए।

ये मामले ओडिशा के क्योंझर जिले स्थित Jajang Iron Ore Block से खनिजों की रवानगी में आंकी गई कमी से जुड़े हैं। मांगें खदान विकास एवं उत्पादन समझौते और खनिज रियायत नियम, 2016 के नियम 12-A के तहत उठाई गई थीं। कंपनी ने दोनों मांग पत्रों को चुनौती देते हुए उन्हें रद्द करने की मांग की थी।

पहले साल की मांग पर कंपनी का आकलन

पहला मामला समझौते के पहले साल, यानी 27 जून, 2020 से 26 जून, 2021 की अवधि का है। संयुक्त निदेशक, खान, जोड़ा के कार्यालय ने 6,96,32,09,199 रुपये की मांग उठाई थी। इससे संबंधित मांग पत्र 6 सितंबर, 2021 और शुद्धिपत्र 7 सितंबर, 2021 का था।

JSW Steel ने इसके खिलाफ रिट याचिका संख्या 28232/2021 दाखिल की थी। हाई कोर्ट ने 20 अप्रैल, 2026 को रिट याचिका संख्या 31035/2025 और अन्य संबद्ध मामलों में दिए गए फैसले के अनुरूप इस याचिका का निपटारा किया।

फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि आदेश के निष्कर्षों और निर्देशों को देखते हुए उसका मानना है कि मांग पत्र और शुद्धिपत्र रद्द हो गए हैं। इसलिए इस मामले में मांग रद्द होने की स्थिति कंपनी की व्याख्या के तौर पर बताई गई है।

पांचवें साल की मांग पर दोबारा निर्णय

दूसरा मामला 27 जून, 2024 से 26 जून, 2025 की अवधि का है। उप निदेशक, खान, जोड़ा के कार्यालय ने 21 अगस्त, 2025 के मांग पत्र में 14,72,69,47,420 रुपये की मांग की थी। कंपनी ने इसे रिट याचिका संख्या 23792/2025 के जरिए चुनौती दी थी।

  • हाई कोर्ट ने इस मांग पत्र को रद्द कर मामला संबंधित प्राधिकरण को वापस भेजा है।
  • प्राधिकरण को 20 अप्रैल, 2026 के फैसले में स्पष्ट की गई कानूनी स्थिति ध्यान में रखकर नए सिरे से निर्णय करना होगा।

इस प्रकार पांचवें साल के मामले में आगे निर्णय होना बाकी है। कंपनी ने एक्सचेंजों को बताया कि फैसलों की समीक्षा में लगे समय के कारण यह खुलासा करने में देरी हुई।