GP Petroleums का निवेश: Pipavav टर्मिनल कंपनी में ₹44.27 करोड़ की हिस्सेदारी खरीद को मंजूरी
GP Petroleums ने Pipavav टर्मिनल कंपनी में करीब ₹44.27 करोड़ की हिस्सेदारी खरीद को मंजूरी दी। भुगतान आंतरिक भंडार से होगा और अंतिम हिस्सेदारी अभी तय नहीं है।

GP Petroleums का निवेश प्रस्ताव बोर्ड से मंजूर हो गया है। कंपनी ने 13 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि बोर्ड ने Incubit Pipavav Terminal Private Limited (IPTPL) के मौजूदा शेयरधारकों से करीब ₹44.27 करोड़ के इक्विटी शेयर खरीदने को स्वीकृति दी है। बोर्ड ने CFO पद पर बदलाव भी मंजूर किया है।
प्रस्तावित खरीद का कुल प्रतिफल ₹44,26,97,141 है, जो IPTPL के शेयरों के मूल्यांकन में बदलाव के अधीन रहेगा। कंपनी आंतरिक भंडार से भुगतान करके एक वर्ष के दौरान कई चरणों में शेयर खरीद सकती है। प्रति शेयर प्रस्तावित कीमत ₹10.80 है; यह भी मूल्यांकन में बदलाव के अधीन है।
कंपनी के अनुसार, इस निवेश का उद्देश्य Pipavav में अपनी परिचालन मौजूदगी मजबूत करना और IPTPL की टैंक भंडारण व किराये की जगह, टर्मिनल सुविधाओं तथा संबंधित बुनियादी ढांचे तक पहुंच से संभावित तालमेल हासिल करना है।
हिस्सेदारी और सौदे की शर्तें
IPTPL का पुराना नाम Gulf Petrochem (India) Private Limited था। यह गुजरात के Pipavav Port पर पेट्रोलियम और अन्य तरल उत्पादों के थोक भंडारण व हैंडलिंग का कारोबार करती है। इसका कारोबार FY 2025-26 में ₹38.48 करोड़, FY 2024-25 में ₹25.32 करोड़ और FY 2023-24 में ₹37.20 करोड़ रहा।
- अंतिम हिस्सेदारी प्रतिशत अभी तय नहीं है। शेयरों की संख्या और परिणामी हिस्सेदारी वास्तविक खरीद के आधार पर निर्धारित होगी।
- बोर्ड ने Share Purchase Agreement और Shareholders’ Agreement पर हस्ताक्षर करने का अधिकार दिया है। खरीद समझौते की पूर्वशर्तों और लागू मंजूरियों के अधीन रहेगी।
- प्रमोटर समूह की Anita Goyal से शेयर खरीद SEBI LODR के तहत संबंधित पक्ष लेनदेन है। कंपनी के मुताबिक, यह स्वतंत्र मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर आर्म्स लेंथ शर्तों पर प्रस्तावित है।
फाइलिंग के अनुसार, Sale Shares की खरीद Companies Act, 2013 के तहत संबंधित पक्ष लेनदेन नहीं बनती है।
15 अक्टूबर से Shirish Suvagia होंगे CFO
Shirish Suvagia की CFO और KMP नियुक्ति 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी। ऑडिट कमेटी और नामांकन एवं पारिश्रमिक कमेटी ने इसकी सिफारिश की थी। वह Chartered Accountant हैं और वित्त, लेखा, ट्रेजरी तथा वित्तीय योजना सहित विभिन्न क्षेत्रों में 22 वर्ष से अधिक अनुभव रखते हैं।
Arjun Verma ने व्यक्तिगत कारणों से इसी तारीख से CFO पद छोड़ने का निर्णय लिया है। वह Whole Time Director, जिन्हें Executive Director नामित किया गया है, और KMP के रूप में बने रहेंगे। अपने इस्तीफे में उन्होंने किसी अन्य महत्वपूर्ण कारण से इनकार किया है।
