UBL के नतीजे में सितंबर तिमाही का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 190.91% बढ़कर ₹134.81 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹46.34 करोड़ था। United Breweries ने 27 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में ये आंकड़े दिए। बोर्ड ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन तथा समेकित वित्तीय परिणाम मंजूर किए।

समेकित परिचालन राजस्व, जिसमें उत्पाद शुल्क शामिल है, 23.70% बढ़कर ₹4,623.01 करोड़ रहा। कुल आय ₹4,664.33 करोड़ और कर-पूर्व लाभ ₹182.67 करोड़ रहा। मूल और डाइल्यूटेड प्रति शेयर आय ₹1.76 से बढ़कर ₹5.12 हुई। अंतरिम अवधि की EPS वार्षिकीकृत नहीं है।

समेकित तिमाही प्रदर्शन

राशियां करोड़ रुपये में हैं; EPS रुपये प्रति शेयर में है। तुलना सितंबर में समाप्त तिमाहियों की है।

मद 2026 2025 सालाना बदलाव
परिचालन राजस्व, उत्पाद शुल्क सहित 4,623.01 3,737.31 23.70% वृद्धि
कुल आय 4,664.33 3,752.17 24.31% वृद्धि
कर-पूर्व लाभ 182.67 65.80 177.61% वृद्धि
कर-पश्चात शुद्ध लाभ 134.81 46.34 190.91% वृद्धि
मूल और डाइल्यूटेड EPS 5.12 1.76 190.91% वृद्धि

होल्डिंग कंपनी के इक्विटी शेयरधारकों को attributable समेकित लाभ ₹135.31 करोड़ रहा; गैर-नियंत्रक हिस्सेदारी का घाटा समायोजित करने के बाद कुल मुनाफा ₹134.81 करोड़ है। अप्रैल-सितंबर छमाही का समेकित मुनाफा ₹301.09 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल ₹230.37 करोड़ था।

अलग से, स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा ₹135.93 करोड़ रहा, जो सालभर पहले ₹46.95 करोड़ था। स्टैंडअलोन कुल आय ₹3,750.57 करोड़ से बढ़कर ₹4,662.81 करोड़ और कर-पूर्व लाभ ₹66.52 करोड़ से बढ़कर ₹183.79 करोड़ रहा। मूल और डाइल्यूटेड EPS ₹1.78 से बढ़कर ₹5.14 हुई।

स्टैंडअलोन अन्य आय में आयकर रिफंड पर ₹36.89 करोड़ का ब्याज शामिल है। कंपनी ने बताया कि कारोबार की मौसमी प्रकृति के कारण राजस्व और लाभ पूरे साल समान रूप से नहीं आते।

ऑडिटर ने किन मामलों पर ध्यान दिलाया

B S R & Co. LLP ने स्टैंडअलोन सीमित समीक्षा रिपोर्ट में CCI जुर्माने और बिहार की परिसंपत्तियों से जुड़ी अनिश्चितताओं का उल्लेख किया। इन मामलों से समीक्षा निष्कर्ष में बदलाव नहीं हुआ; सीमित समीक्षा पूर्ण ऑडिट नहीं है।

₹751.83 करोड़ के CCI जुर्माने का मामला Supreme Court में लंबित है और वसूली पर रोक है। जमा ₹187.62 करोड़ की वसूली तथा अंतिम दायित्व अनिश्चित हैं। कंपनी ने जुर्माने को आकस्मिक देनदारी माना है और प्रावधान नहीं किया है।

बिहार में ₹55.87 करोड़ की परिसंपत्तियों की वसूली और भविष्य के उपयोग पर लंबित मंजूरी तथा न्यायिक कार्यवाही का असर पड़ सकता है। BIADA की Amnesty Policy के तहत सैद्धांतिक मंजूरी मिली है; अंतिम मंजूरी लंबित बताई गई है।