LT Foods नतीजे: कंपनी ने 27 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल संशोधित निवेशक प्रस्तुति में सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के वित्तीय आंकड़े साझा किए। समेकित आधार पर H1 FY27 में राजस्व 22% बढ़कर ₹6,414 करोड़ और शुद्ध लाभ यानी PAT 9% बढ़कर ₹364 करोड़ रहा। प्रस्तुति में राजस्व में परिचालन आय के साथ अन्य आय भी शामिल है।

छमाही का EBITDA 17% बढ़कर ₹721 करोड़ पहुंचा। कंपनी ने सामान्यीकृत राजस्व वृद्धि 18% बताई, जिसमें Golden Star शामिल है। दूसरी तिमाही में राजस्व 17% बढ़कर ₹3,253 करोड़, EBITDA 13% बढ़कर ₹358 करोड़ और PAT 10% बढ़कर ₹180 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में PAT ₹164 करोड़ था।

मुनाफा बढ़ा, लेकिन मार्जिन पर दबाव

छमाही में सकल लाभ 15% बढ़कर ₹2,087 करोड़ रहा, जबकि सकल मार्जिन 34.4% से घटकर 32.5% रह गया। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित पक्षों के साथ शिपमेंट शर्तों का CIF से C&I में बदलाव बताया। EBITDA मार्जिन 11.7% से घटकर 11.2% रहा, जिसका कारण ऑर्गेनिक कारोबार का पुनर्गठन और ब्रांड पर बढ़ा निवेश था।

H1 FY27 में कर-पूर्व लाभ 10% बढ़कर ₹496 करोड़ रहा। परिसंपत्तियों के पूंजीकरण से मूल्यह्रास बढ़ा। कार्यशील पूंजी चक्र बेहतर करने के लिए आपूर्तिकर्ता वित्तपोषण व्यवस्थाओं के इस्तेमाल से ब्याज लागत भी बढ़ी।

  • कार्यशील पूंजी अवधि 174 दिन से घटकर 143 दिन और इन्वेंटरी अवधि 187 दिन से घटकर 159 दिन रही।
  • कंपनी की शुद्ध नकदी ₹247 करोड़ रही; ब्याज कवरेज 11.8 गुना से बढ़कर 13.8 गुना हुआ।
  • पूंजी पर प्रतिफल यानी ROCE 22% से बढ़कर 22.4% हुआ, जबकि इक्विटी पर प्रतिफल 16.5% से घटकर 15.7% रहा।

बासमती कारोबार ने संभाली वृद्धि

बासमती और अन्य विशेष चावल कारोबार का छमाही राजस्व 27% बढ़कर ₹5,764 करोड़ रहा। कुल राजस्व में इसकी हिस्सेदारी 90% और बिक्री मात्रा में वृद्धि 11% रही। इस कारोबार का EBITDA मार्जिन 12% रहा।

ऑर्गेनिक फूड्स और इंग्रीडिएंट्स का राजस्व पुनर्गठन के कारण 11% घटकर ₹520 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 6% रहा। रेडी-टू-हीट तथा रेडी-टू-कुक कारोबार का राजस्व 8% बढ़कर ₹102 करोड़ हुआ, हालांकि इसका EBITDA मार्जिन ऋणात्मक 12% रहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों ने छमाही राजस्व में 71% योगदान दिया। भारत का राजस्व 24%, उत्तरी अमेरिका का 21% और मध्य पूर्व व अन्य बाजारों का 25% बढ़ा। यूरोप का राजस्व स्थिर रहा, जहां कंपनी ने गैर-प्राथमिकता वाले B2B कारोबार में कमी की। उत्तरी अमेरिका कुल राजस्व में 50% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा बाजार रहा।