Steel Authority of India: SAIL तिमाही नतीजे: स्टैंडअलोन मुनाफा 315.60% बढ़कर ₹1,773.73 करोड़
SAIL का सितंबर तिमाही में स्टैंडअलोन मुनाफा ₹1,773.73 करोड़ रहा। राजस्व 19.82% बढ़ा, जबकि ऑडिटरों ने अस्थायी बिक्री कीमतों और बोर्ड संरचना पर ध्यान दिलाया।

SAIL तिमाही नतीजे: Steel Authority of India Ltd का 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना 315.60% बढ़कर ₹1,773.73 करोड़ रहा। कंपनी की 27 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग के अनुसार, पिछले वर्ष की समान तिमाही में मुनाफा ₹426.79 करोड़ था। परिचालन राजस्व 19.82% बढ़कर ₹31,997.51 करोड़ पहुंचा।
कुल आय ₹32,338.68 करोड़ और कर-पूर्व लाभ ₹2,356.39 करोड़ रहा। प्रति शेयर मूल आय ₹1.03 से बढ़कर ₹4.29 हुई। बोर्ड ने स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड, दोनों अनऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी है; नीचे दिए गए वित्तीय आंकड़े केवल स्टैंडअलोन हैं।
सितंबर तिमाही का सालाना तुलनात्मक प्रदर्शन
| मद | सितंबर 2026 तिमाही | सितंबर 2025 तिमाही | सालाना बदलाव |
|---|---|---|---|
| परिचालन राजस्व | ₹31,997.51 करोड़ | ₹26,703.94 करोड़ | 19.82% वृद्धि |
| कुल आय | ₹32,338.68 करोड़ | ₹27,006.97 करोड़ | 19.74% वृद्धि |
| कर-पूर्व लाभ | ₹2,356.39 करोड़ | ₹552.89 करोड़ | 326.20% वृद्धि |
| शुद्ध मुनाफा | ₹1,773.73 करोड़ | ₹426.79 करोड़ | 315.60% वृद्धि |
| मूल EPS, गैर-वार्षिकीकृत | ₹4.29 | ₹1.03 | 316.50% वृद्धि |
पहली छमाही में स्टैंडअलोन परिचालन राजस्व ₹58,243.15 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹3,409.73 करोड़ रहा। पिछले वर्ष की समान अवधि में ये क्रमशः ₹52,625.40 करोड़ और ₹1,112.27 करोड़ थे। कंपनी ने छमाही में कर्मचारियों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मुआवजे के लिए ₹216.70 करोड़ का असाधारण खर्च दर्ज किया। इसमें सितंबर तिमाही का खर्च ₹72.69 करोड़ था।
श्रम संहिताओं से जुड़े बदलावों का ₹198.14 करोड़ का अतिरिक्त प्रभाव भी छमाही के लाभ-हानि विवरण में शामिल है। परिचालन गतिविधियों से शुद्ध नकदी प्रवाह ₹8,447.69 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान छमाही में यह ₹7,981.50 करोड़ था।
सीमित समीक्षा में किन बातों पर ध्यान दिलाया गया
ऑडिटरों ने सरकारी एजेंसियों को अस्थायी कीमतों पर बिक्री का उल्लेख किया। इस आधार पर तिमाही में ₹2,712.55 करोड़ और छमाही में ₹4,775.53 करोड़ का राजस्व दर्ज हुआ। अंतिम कीमत बाद में तय होती है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति खर्च और नीति तथा मूल्य निर्धारण संबंधी जांच के विषय को भी रेखांकित किया गया। संबंधित निलंबन जून 2024 में वापस लिए गए थे; प्रबंधन के आकलन में मामले का परिचालन या नतीजों पर भौतिक प्रभाव संभावित नहीं है।
ऑडिटरों ने आवश्यक स्वतंत्र और गैर-कार्यकारी निदेशकों की कमी तथा महिला निदेशक नहीं होने से बोर्ड और कुछ समितियों की संरचना में अनुपालन की कमी बताई। नौ शाखाओं, इकाइयों और विपणन क्षेत्रों के आंकड़ों के लिए उन्होंने संबंधित शाखा ऑडिटरों की समीक्षा रिपोर्टों पर भरोसा किया। इन विषयों से सीमित समीक्षा का निष्कर्ष संशोधित नहीं हुआ; यह पूर्ण ऑडिट राय नहीं है।
