Kratikal Tech H1 FY27 निवेशक प्रस्तुति में कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त छमाही का राजस्व ₹22.3 करोड़ बताया है। 6 नवंबर 2026 की BSE फाइलिंग के साथ उपलब्ध प्रस्तुति में साइबर सुरक्षा कंपनी ने उत्पादों, सेवाओं और निर्यात कारोबार का ब्योरा दिया। इसके साथ संलग्न पत्र 5 नवंबर 2026 का है।

पहली छमाही में Threatcop उत्पादों की राजस्व में 52% हिस्सेदारी रही। सुरक्षा परीक्षण सेवा VAPT का योगदान 34%, अनुपालन सेवाओं का 13% और अन्य कारोबार का एक प्रतिशत से कम रहा। कंपनी का कारोबार कर्मचारियों से जुड़े साइबर जोखिम, तकनीकी कमजोरियों और सुरक्षा प्रक्रियाओं पर केंद्रित है।

इस अवधि में निर्यात राजस्व ₹5.5 करोड़ रहा, जो कुल राजस्व का 25% था। पूरे FY26 में विदेशी कारोबार की हिस्सेदारी करीब 30% थी। ये आंकड़े अलग-अलग अवधि के हैं; प्रस्तुति में FY26 के दौरान भारत के बाहर 24 देशों में ग्राहक होने की जानकारी भी दी गई है।

उत्पाद और सेवाओं से कमाई का आधार

Kratikal के दो ब्रांडों के तहत आठ पेशकश हैं। Threatcop कर्मचारियों को फिशिंग पहचानने का प्रशिक्षण, नकली साइबर हमलों से जोखिम का आकलन और ईमेल सुरक्षा समाधान देता है। AutoSecT तथा सेवाओं का कारोबार ऐप, नेटवर्क और क्लाउड की कमजोरियां पहचानने और ग्राहकों को सुरक्षा ऑडिट के लिए तैयार करने पर केंद्रित है।

  • उत्पादों में TSAT, TLMS, TDMARC और TPIR शामिल हैं।
  • सेवाओं में VAPT, अनुपालन ऑडिट और बाहरी सुरक्षा नेतृत्व की vCISO पेशकश शामिल है।
  • कमाई के मॉडल में सालाना सदस्यता, प्रबंधित सेवाएं और परियोजना आधारित काम शामिल हैं।

तुलना के लिए, कंपनी ने पूरे FY26 में ₹37 करोड़ राजस्व, ₹9 करोड़ EBITDA और 24.5% EBITDA मार्जिन बताया था। उस वर्ष उत्पादों और सेवाओं का राजस्व अनुपात क्रमशः 54% और 46% था। कंपनी ने FY26 में 677 ग्राहकों को सेवाएं देने की जानकारी दी और प्रस्तुति में खुद को कर्जमुक्त बताया।

मौजूदा ग्राहकों में विस्तार और उत्पादों पर जोर

कंपनी के अनुसार, H1 FY27 में मौजूदा ग्राहकों को अतिरिक्त उत्पाद और सेवाएं बेचने से जुड़ी कुल क्रॉस-सेल बुकिंग 3.3 गुना हुई। Kratikal सेवाओं की क्रॉस-सेलिंग 3.2 गुना और Threatcop की 4.7 गुना रही। ये बुकिंग संबंधी आंकड़े हैं।

संस्थापक, चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और CEO Pavan Kumar ने अगले दो वर्षों में कारोबार को मुख्य रूप से उत्पाद आधारित बनाने का लक्ष्य बताया। भारत उत्पाद विकास और डिलीवरी का मुख्य आधार है, जबकि अमेरिका और खाड़ी क्षेत्र विस्तार के बाजार हैं। अंतरराष्ट्रीय राजस्व बढ़ाना भी कंपनी की योजना में शामिल है। प्रस्तुति स्पष्ट करती है कि भविष्य संबंधी लक्ष्य जोखिमों और अनिश्चितताओं के अधीन हैं।