Cello World Q2 FY27 में समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना 10.3% घटकर ₹81.9 करोड़ रहा, जबकि परिचालन राजस्व 7.8% बढ़कर ₹633.2 करोड़ पहुंचा। 6 नवंबर 2026 की BSE निवेशक प्रस्तुति में कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही के ये आंकड़े दिए। पिछले वर्ष की समान तिमाही में मुनाफा ₹91.3 करोड़ और राजस्व ₹587.4 करोड़ था।

राजस्व बढ़ने के बावजूद EBITDA ₹141.3 करोड़ से घटकर ₹135 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 24% से घटकर 21.3% और शुद्ध मुनाफे का मार्जिन 15.5% से घटकर 12.9% रह गया। कर्मचारी लागत ₹61.7 करोड़ से बढ़कर ₹70.9 करोड़ तथा अन्य खर्च ₹101.7 करोड़ से बढ़कर ₹125.4 करोड़ हुए।

समेकित तिमाही नतीजों की तुलना

मद Q2 FY27 Q2 FY26 सालाना बदलाव
परिचालन राजस्व ₹633.2 करोड़ ₹587.4 करोड़ 7.8% वृद्धि
EBITDA ₹135.0 करोड़ ₹141.3 करोड़ 4.5% गिरावट
कर पूर्व लाभ ₹110.4 करोड़ ₹121.3 करोड़ 9.0% गिरावट
कर पश्चात लाभ ₹81.9 करोड़ ₹91.3 करोड़ 10.3% गिरावट
प्रति शेयर आय—EPS ₹3.63 ₹4.05 10.4% गिरावट

लागत दबाव और त्योहारी मांग का समय बदला

चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक Pradeep Rathod ने कहा कि इस वर्ष त्योहार देर से पड़ने के कारण मौसमी और संस्थागत उपहारों की कुछ मांग दूसरी से तीसरी तिमाही में खिसकी है। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते पॉलिमर, ईंधन, गैस और पैकेजिंग सामग्री की कीमतें ऊंची बनी रहीं। कुछ उत्पाद श्रेणियों में सस्ते आयात से प्रतिस्पर्धी दबाव भी जारी रहा।

इसके बावजूद अनुकूल उत्पाद मिश्रण के कारण सकल लाभ मार्जिन 70 आधार अंक सुधरकर 50.2% हुआ। प्रबंधन के मुताबिक, Writing Instruments कारोबार में Cello ब्रांड की अगुवाई में मजबूत वृद्धि हुई। राजस्थान में कंपनी की अपनी स्टील बोतल विनिर्माण इकाई उत्पादन बढ़ाने के चरण की ओर बढ़ रही है। कंपनी को दूसरी छमाही में उत्पाद विकल्पों का विस्तार करते हुए उत्पादन क्रमशः बढ़ने की उम्मीद है।

पहली छमाही में समेकित परिचालन राजस्व ₹1,116.5 करोड़ से बढ़कर ₹1,159.9 करोड़ रहा, जबकि शुद्ध मुनाफा ₹172 करोड़ से घटकर ₹155.3 करोड़ हुआ। इसी अवधि में परिचालन गतिविधियों से नकदी प्रवाह ₹173.4 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹130.8 करोड़ था।

प्रस्तुति के अनुसार, Wim Plast Limited, Cello Consumer Products Private Limited और कंपनी की व्यवस्था योजना 27 मई 2026 से प्रभावी हुई, जिसकी नियत तिथि 1 अप्रैल 2025 है। योजना का प्रभाव शामिल करने के लिए तुलनात्मक आंकड़े दोबारा प्रस्तुत किए गए हैं; इसमें जारी होने के लिए लंबित शेयरों का EPS पर असर भी शामिल है। प्रबंधन ने क्षमता उपयोग, परिचालन दक्षता और कार्यशील पूंजी अनुशासन को प्राथमिकता बताया।