Excel Industries Q2 परिणाम: स्टैंडअलोन मुनाफा 42.4% बढ़कर ₹26.7 करोड़
Excel Industries का Q2 स्टैंडअलोन मुनाफा 42.4% बढ़ा और EBITDA मार्जिन सुधरा। निर्यात तथा विविध कारोबारों ने सहारा दिया, हालांकि कृषि रसायनों की मांग कमजोर रही।

Excel Industries Q2 परिणाम में स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 42.4% बढ़कर ₹26.7 करोड़ रहा। कंपनी ने 5 नवंबर 2026 को BSE में दाखिल निवेशक प्रस्तुति में 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड नतीजे साझा किए। पिछले साल की समान तिमाही में मुनाफा ₹18.7 करोड़ था, जबकि इस बार परिचालन राजस्व 1.6% बढ़कर ₹274.6 करोड़ रहा।
कंपनी के मुताबिक, Performance Solutions, Contract Manufacturing और YP Derivatives ने कृषि रसायन कारोबार की कमजोरी की भरपाई की। बेहतर बिक्री प्राप्तियों, लागत नियंत्रण और समय पर कच्चा माल खरीदने से EBITDA मार्जिन 13.3% पहुंचा, जो एक साल पहले 11.1% था। स्टैंडअलोन EBITDA 21.5% बढ़कर ₹36.6 करोड़ रहा।
स्टैंडअलोन तिमाही नतीजों की तुलना
नीचे रकम करोड़ रुपये में है; प्रति शेयर आय यानी EPS रुपये में दी गई है। तुलना सितंबर में समाप्त समान तिमाहियों की है।
| मद | Q2 FY27 | Q2 FY26 | सालाना बदलाव |
|---|---|---|---|
| परिचालन राजस्व | 274.6 | 270.2 | 1.6% वृद्धि |
| EBITDA | 36.6 | 30.1 | 21.5% वृद्धि |
| कर-पूर्व लाभ | 35.0 | 24.5 | 42.7% वृद्धि |
| कर-पश्चात शुद्ध लाभ | 26.7 | 18.7 | 42.4% वृद्धि |
| EPS | 21.2 | 14.9 | लगभग 42.3% वृद्धि |
स्टैंडअलोन अन्य आय ₹4.2 करोड़ से बढ़कर ₹9.5 करोड़ हुई। पहली छमाही में परिचालन राजस्व 2% घटकर ₹568.3 करोड़ रहा, लेकिन शुद्ध मुनाफा 6.7% बढ़कर ₹55.8 करोड़ पहुंचा। छमाही EBITDA मार्जिन 12.5% से सुधरकर 13.9% रहा।
अलग से, कंसोलिडेटेड तिमाही शुद्ध मुनाफा ₹28.9 करोड़ रहा, जो ₹21.2 करोड़ से 36.4% अधिक है। कंसोलिडेटेड परिचालन राजस्व ₹270.2 करोड़ से 1.6% बढ़कर ₹274.7 करोड़ और कर-पूर्व लाभ ₹27.5 करोड़ से 37.5% बढ़कर ₹37.8 करोड़ हुआ। EPS ₹16.9 से बढ़कर ₹23 रहा।
निर्यात बढ़ा, Q3 में कृषि मांग पर दबाव
प्रस्तुति के अनुसार, तिमाही निर्यात ₹47 करोड़ से बढ़कर ₹81 करोड़ रहा, जबकि घरेलू राजस्व ₹223 करोड़ से घटकर ₹194 करोड़ हुआ। कंपनी ने बताया कि सामान्य के मुकाबले 87% मानसून और कमजोर कृषि मांग के बीच प्रमुख कृषि रसायन इंटरमीडिएट DETC की तिमाही बिक्री 11 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर रही।
प्रबंध निदेशक Ravi A. Shroff के मुताबिक, तीसरी तिमाही में कृषि रसायनों की मांग नरम रहने की संभावना है। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, उपलब्धता और शिपिंग व्यवधान दूसरी छमाही में लागत पर दबाव डाल सकते हैं। कंपनी मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट पूरे करने, नए कारोबारी अवसर विकसित करने और Q3 में Performance Solutions श्रेणी के नए उत्पाद उतारने पर ध्यान दे रही है।
