Heritage Foods Q2 नतीजे: मुनाफा 39.4% घटकर ₹30.9 करोड़, राजस्व 18.6% बढ़ा
Heritage Foods का दूसरी तिमाही का समेकित मुनाफा घटा, जबकि राजस्व बढ़ा। दूध खरीद महंगी होने से सालाना मार्जिन पर दबाव रहा, लेकिन पिछली तिमाही से सुधार आया।

Heritage Foods Q2 नतीजे में राजस्व बढ़ने के बावजूद मुनाफे पर दबाव दिखा। कंपनी की 15 अक्टूबर 2026 की BSE निवेशक प्रस्तुति के अनुसार, सितंबर में समाप्त वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 39.4% घटकर ₹30.9 करोड़ रहा। परिचालन राजस्व 18.6% बढ़कर ₹1,319.6 करोड़ पहुंचा। एक साल पहले इसी तिमाही में शुद्ध लाभ ₹51 करोड़ और परिचालन राजस्व ₹1,112.5 करोड़ था।
कंपनी ने महंगी दूध खरीद के बीच कारोबार बढ़ने की जानकारी दी। दूध खरीद की औसत कीमत 11% बढ़कर ₹47.73 प्रति लीटर रही, जबकि खरीद मात्रा 7% बढ़कर 17.3 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंची। दूध बिक्री की मात्रा 2.5% बढ़कर 12.4 लाख लीटर प्रतिदिन और औसत बिक्री मूल्य 6% बढ़कर ₹60.34 प्रति लीटर रहा।
समेकित तिमाही प्रदर्शन की तुलना
नीचे राशि करोड़ रुपये में है; प्रति शेयर आय रुपये में दी गई है। सालाना बदलाव प्रस्तुति में उपलब्ध तुलनीय आंकड़ों से निकाले गए हैं।
| मद | Q2 FY27 | Q2 FY26 | सालाना बदलाव |
|---|---|---|---|
| परिचालन राजस्व | 1,319.6 | 1,112.5 | 18.6% वृद्धि |
| कर पूर्व लाभ | 42.6 | 67.8 | 37.2% गिरावट |
| कर पश्चात शुद्ध लाभ | 30.9 | 51.0 | 39.4% गिरावट |
| डाइल्यूटेड EPS | 3.4 | 5.5 | 38.2% गिरावट |
EBITDA ₹77.2 करोड़ से घटकर ₹74 करोड़ रहा। इसका मार्जिन साल भर पहले के 6.9% से घटकर 5.6% रहा, हालांकि कंपनी के अनुसार पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 98 आधार अंकों का सुधार हुआ। तिमाही आधार पर शुद्ध लाभ भी ₹25 करोड़ से बढ़कर ₹30.9 करोड़ हुआ।
मूल्यह्रास खर्च ₹20.1 करोड़ से बढ़कर ₹27.5 करोड़ और वित्त लागत ₹3.8 करोड़ से बढ़कर ₹7.3 करोड़ रही। अन्य आय ₹5.2 करोड़ से घटकर ₹3.4 करोड़ रही।
वैल्यू ऐडेड उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ी
वैल्यू ऐडेड उत्पादों यानी VAP का राजस्व लगभग 32% बढ़कर ₹451 करोड़ पहुंचा। कंपनी के बताए राजस्व मिश्रण में इसकी हिस्सेदारी 31.3% से बढ़कर 35.4% हुई। घी और मक्खन के कंज्यूमर पैक जोड़ने पर यह राजस्व ₹540.8 करोड़ और हिस्सेदारी 42.5% रही।
पहली छमाही में समेकित परिचालन राजस्व ₹2,249.3 करोड़ से बढ़कर ₹2,657.7 करोड़ रहा, जबकि शुद्ध लाभ ₹91.5 करोड़ से घटकर ₹55.8 करोड़ रह गया। कंपनी ने निकट अवधि में लागत दबाव बने रहने की बात कही। उसके अनुसार, प्रीमियम उत्पादों का विस्तार, लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता मार्जिन सुधार के प्रमुख उपाय हैं।
