Aegis Logistics ने 16 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में अक्टूबर की कॉरपोरेट प्रस्तुति साझा की। इसमें JNPT में आगामी 1,29,000 टन LPG भंडारण क्षमता, तरल पदार्थों के भंडारण विस्तार और Pipavav में चालू अमोनिया टर्मिनल का विवरण दिया गया है। प्रस्तुति में FY26 के वित्तीय प्रदर्शन और गैस वितरण कारोबार के आंकड़े भी शामिल हैं।

कंपनी के अनुसार, Pipavav का 36,000 टन क्षमता वाला अमोनिया टर्मिनल 10 अगस्त 2026 को चालू हुआ। प्रस्तुति में इसे भारत का पहला स्वतंत्र अमोनिया भंडारण टर्मिनल बताया गया है। Aegis Terminal Pipavav Ltd में ITOCHU की 10% हिस्सेदारी है। कंपनी इस सुविधा के जरिये भंडारण शुल्क के साथ अमोनिया वितरण में भी अवसर देखती है।

30 जून 2026 के क्षमता विवरण में अमोनिया सुविधा आगामी परियोजनाओं में शामिल थी। अगस्त में इसकी कमीशनिंग के बाद की स्थिति प्रस्तुति में अलग से स्पष्ट की गई है।

भंडारण विस्तार में JNPT की हिस्सेदारी

30 जून 2026 तक कंपनी की मौजूदा तरल भंडारण क्षमता 20.08 लाख किलोलीटर थी, जबकि 5.26 लाख किलोलीटर क्षमता आगामी परियोजनाओं में थी। मौजूदा LPG भंडारण क्षमता 2,45,800 टन थी। JNPT की प्रस्तावित क्षमता को मिलाकर LPG क्षमता 3,74,800 टन बनती है; इसमें आगामी क्षमता भी शामिल है।

तरल भंडारण की आगामी क्षमता का बंदरगाहवार विवरण इस प्रकार है:

  • JNPT: 3.18 लाख किलोलीटर।
  • Kandla: 94,000 किलोलीटर।
  • Mumbai: 64,000 किलोलीटर।
  • Kochi: 50,000 किलोलीटर।

कंपनी का तरल टर्मिनल नेटवर्क Kandla, Haldia, Pipavav, JNPT, Mumbai, Mangaluru और Kochi सहित सात बंदरगाहों तक फैला है। गैस कारोबार की छह बंदरगाहों वाली उपस्थिति में JNPT की आगामी सुविधा शामिल है। नेटवर्क में सड़क, रेल और पाइपलाइन से माल निकासी की सुविधाएं हैं।

FY26 में लाभ और वितरण का प्रदर्शन

प्रस्तुति के मुताबिक, FY26 में कंपनी का शुद्ध लाभ 1,107 करोड़ रुपये और डाइल्यूटेड प्रति शेयर आय 25.59 रुपये रही। सामान्यीकृत EBITDA 1,599 करोड़ रुपये रहा, जिसमें विदेशी मुद्रा और हेजिंग संबंधी खर्चों का प्रभाव शामिल नहीं है। इसमें तरल कारोबार का EBITDA 472 करोड़ रुपये और गैस कारोबार का 1,127 करोड़ रुपये था।

FY26 में LPG वितरण मात्रा 7.54 लाख टन रही, जबकि FY25 में यह 5.21 लाख टन थी। LPG लॉजिस्टिक्स मात्रा इसी अवधि में 45.23 लाख टन से बढ़कर 51.52 लाख टन हुई। हालांकि, Q1FY27 में लॉजिस्टिक्स मात्रा 11.24 लाख टन रही, जो Q1FY26 के 11.61 लाख टन से कम थी। वहीं, वितरण मात्रा 1.45 लाख टन से बढ़कर 2.77 लाख टन हुई।