Axis Bank की जमा 20.7% बढ़ी, सकल ऋण में 22.7% वृद्धि; FCNR (B) का असर
Axis Bank के सितंबर अंत के आंकड़ों में जमा और ऋण बढ़े हैं। FCNR (B) से जुड़े ऋण हटाने पर वृद्धि दर कम रही; बैंक के ये आंकड़े अभी अस्थायी हैं और समीक्षा बाकी है।

Axis Bank की जमा 30 सितंबर 2026 को सालाना 20.7% बढ़कर 14,521 अरब रुपये रही, जबकि सकल ऋण 22.7% बढ़कर 13,846 अरब रुपये पहुंचा। बैंक ने 5 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में ये अस्थायी कारोबारी आंकड़े दिए। जून तिमाही के अंत के मुकाबले जमा में 5.8% और सकल ऋण में 8.8% वृद्धि हुई।
फाइलिंग में बैंक ने बताया कि RBI की ओर से वर्ष के दौरान शुरू की गई स्वैप सुविधा के तहत उसने USD 10.62 अरब के FCNR (B) जमा जुटाए। 30 सितंबर तक इनका रुपये में मूल्य 1,018 अरब रुपये था। इन प्रवाहों के एक हिस्से का इस्तेमाल गैर-खुदरा सावधि जमा घटाने में किया गया, जो तिमाही आधार पर 8.6% कम हुई।
सावधि जमा की वृद्धि CASA से अधिक
सितंबर अंत में चालू और बचत खातों की जमा यानी CASA 5,296 अरब रुपये रही। इसमें सालाना 10.6% और तिमाही आधार पर 1.5% वृद्धि हुई। वहीं, सावधि जमा 9,225 अरब रुपये रही, जिसमें सालाना 27.3% और तिमाही 8.4% वृद्धि दर्ज हुई।
तिमाही औसत शेष के आधार पर भी बैंक ने जमा के अलग आंकड़े साझा किए:
- कुल औसत जमा 13,964 अरब रुपये रही; सालाना वृद्धि 22.5% और तिमाही वृद्धि 7.0% थी।
- औसत CASA 4,943 अरब रुपये रही; यह सालाना 13.9% और तिमाही आधार पर 2.7% बढ़ी।
- औसत सावधि जमा 9,021 अरब रुपये रही; इसमें सालाना 27.8% और तिमाही आधार पर 9.6% वृद्धि हुई।
FCNR (B) से जुड़े ऋण हटाने पर अलग तस्वीर
बैंक की अंतरराष्ट्रीय शाखाओं ने ग्राहकों को ऐसे जमा रखने के लिए USD 4.57 अरब, यानी 438 अरब रुपये की ऋण सुविधा दी। बैंक के अनुसार, इन ऋणों को हटाने पर सकल ऋण की वृद्धि सालाना 18.8% और तिमाही 5.3% होती। इसी समायोजन के बाद कुल जमा की वृद्धि सालाना 17.0% और तिमाही 2.6%, जबकि सावधि जमा की वृद्धि क्रमशः 21.3% और 3.2% होती। इसमें गैर-खुदरा सावधि जमा में आई कमी का असर शामिल है।
इसके अलावा, FCNR (B) जमा के विरुद्ध ऋणों के संबंध में बैंक ने अन्य बैंकों के पक्ष में USD 4.69 अरब, यानी 449 अरब रुपये के स्टैंडबाय लेटर्स ऑफ क्रेडिट जारी किए। बैंक ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े अस्थायी हैं और 30 सितंबर 2026 के परिणामों की वैधानिक लेखा परीक्षकों द्वारा सीमित समीक्षा होगी।
