Indian Bank Q2 नतीजे: मुनाफा 14.71% बढ़कर ₹3,462 करोड़, ऋण वृद्धि का लक्ष्य बढ़ाया
Indian Bank का तिमाही मुनाफा 14.71% बढ़ा और ऋण वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 13-14% किया गया। बैंक ने ₹1,500 करोड़ का ECL प्रावधान किया; सकल NPA घटकर 1.61% रहा।

Indian Bank Q2 नतीजे: बैंक ने 21 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल अर्निंग्स कॉल ट्रांसक्रिप्ट में बताया कि सितंबर तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 14.71% बढ़कर ₹3,462 करोड़ रहा। 15 अक्टूबर को आयोजित कॉल में प्रबंधन ने FY2026-27 के लिए जमा और ऋण वृद्धि के अनुमान भी बढ़ाए। यह चर्चा 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय परिणामों पर हुई थी।
बैंक की कुल कारोबारी वृद्धि 14.22% रही। जमा 12.50% और अग्रिम 16.39% बढ़े, जबकि शुद्ध ब्याज आय में 17.83% वृद्धि हुई। परिचालन लाभ 46.58% बढ़कर ₹7,000 करोड़ के पार पहुंचा। हालांकि, प्रबंधन के अनुसार NSE से जुड़े योगदान को हटाने पर परिचालन लाभ की वृद्धि 18% रही।
बैंक ने NSE हिस्सेदारी से ₹252 करोड़ का लाभ और ₹1,134 करोड़ का MTM लाभ दर्ज करने की जानकारी दी। अन्य आय 58.95% बढ़ी, जिसमें इन लाभों की मुख्य भूमिका रही। तिमाही की आय में आयकर रिफंड पर मिला ₹271 करोड़ ब्याज भी शामिल था, जिसे प्रबंधन ने नियमित आय नहीं माना।
जमा और ऋण वृद्धि के अनुमान बढ़ाए
MD एवं CEO Binod Kumar ने जमा वृद्धि का अनुमान 9-11% से बढ़ाकर 11-12% और अग्रिम वृद्धि का अनुमान 11-13% से बढ़ाकर 13-14% किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तिमाही की ऋण वृद्धि में FCNR(B) जमा के बदले दिए गए ऋणों का योगदान था, जो अगली तिमाही में दोहराया नहीं जा सकता।
- रिटेल ऋण 17.37%, कृषि ऋण 17.18% और MSME ऋण 19.06% बढ़े। इन तीनों खंडों का कुल ऋण पोर्टफोलियो में हिस्सा करीब 67% रहा।
- कॉरपोरेट अग्रिम 9.92% बढ़े। कॉरपोरेट ऋण पाइपलाइन ₹63,000 करोड़ थी, जिसमें ₹30,000 करोड़ स्वीकृत लेकिन वितरण के लिए लंबित थे।
- CASA अनुपात सालाना आधार पर 38.87% से बढ़कर 39.36% हुआ। थोक जमा पिछली तिमाही के ₹1.62 लाख करोड़ से घटकर ₹1.52 लाख करोड़ रही।
परिसंपत्ति गुणवत्ता और प्रावधान
सकल NPA घटकर 1.61% और शुद्ध NPA 0.14% रहा। प्रावधान कवरेज अनुपात 98.22% तथा क्रेडिट कॉस्ट 0.22% रही। SMA बही एक साल पहले के 7.35% से घटकर 4.19%, यानी ₹29,748 करोड़ रह गई। प्रबंधन ने फिलहाल किसी खाते में बड़े तनाव के संकेत नहीं दिखने की बात कही।
बैंक ने तिमाही में ₹1,500 करोड़ का ECL प्रावधान किया, जिससे कुल प्रावधान ₹2,500 करोड़ हो गया। प्रबंधन ने क्रेडिट बुक पर अनुमानित कुल प्रभाव ₹3,500 करोड़ बताया; HTM निवेशों का संभावित मूल्यांकन प्रभाव इसमें शामिल नहीं है। पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16.21% और CET1 अनुपात 15.18% रहा। बैंक बाजार परिस्थितियों के आधार पर ₹1,000-2,000 करोड़ की Tier 2 पूंजी जुटाने पर विचार कर सकता है।
