South Indian Bank Q2 नतीजे: मुनाफा 21% बढ़कर ₹426 करोड़, नेट NPA 0.09%
South Indian Bank का Q2 FY27 मुनाफा ₹426 करोड़ रहा और ब्याज आय 38% बढ़ी। अर्निंग्स कॉल में बैंक ने बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और आगे की ऋण वृद्धि का लक्ष्य

South Indian Bank Q2 नतीजे: बैंक ने 22 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल अर्निंग्स कॉल ट्रांसक्रिप्ट में बताया कि सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 21% बढ़कर ₹426 करोड़ रहा। यह बैंक का अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में लाभ ₹351 करोड़ था। निवेशकों और विश्लेषकों के साथ यह कॉल 16 अक्टूबर को हुई थी।
बैंक की शुद्ध ब्याज आय 38% बढ़कर ₹1,116 करोड़ पहुंची, जबकि एक साल पहले यह ₹808 करोड़ थी। शुद्ध ब्याज मार्जिन यानी NIM 3.33% रहा, जो पिछली तिमाही से 10 आधार अंक और सालाना आधार पर 53 आधार अंक अधिक है। शुरुआती प्रस्तुति में बैंक ने तिमाही का रिटर्न ऑन एसेट्स 1.08% और रिटर्न ऑन इक्विटी 14% बताया।
जमा और ऋण में 19% वृद्धि, NPA घटे
कुल जमा सालाना आधार पर 19% बढ़कर ₹1,37,279 करोड़ और सकल अग्रिम 19% बढ़कर ₹1,09,517 करोड़ रहे। कुल कारोबार ₹2,46,796 करोड़ पहुंचा। चालू और बचत खातों की जमा यानी CASA 18% बढ़कर ₹43,310 करोड़ रही। हालांकि, प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सितंबर के अंत में IPO से जुड़े कुछ अस्थायी प्रवाह चालू खातों में आए थे, इसलिए उस हिस्से की वृद्धि पूरी तरह स्थायी नहीं मानी जा सकती।
- सकल NPA अनुपात एक साल पहले के 2.93% से घटकर 1.24% रहा।
- नेट NPA अनुपात 0.56% से घटकर 0.09% पर आया।
- राइट-ऑफ को छोड़कर प्रावधान कवरेज अनुपात 81.29% से बढ़कर 92.42% रहा।
- 30 सितंबर 2026 को पूंजी पर्याप्तता अनुपात 19.40% और टियर-1 अनुपात 18.71% था।
अतिरिक्त प्रावधानों पर प्रबंधन ने कहा कि बैंक ने सतर्कता बरतते हुए खातों के आधार पर प्रावधान किए हैं। उसने किसी विशेष एकमुश्त प्रावधान की बात से इनकार किया।
FY27 में 15–16% वृद्धि का लक्ष्य बरकरार
प्रबंध निदेशक और CEO Mahesh Muralidhar Pai ने ऋण और जमा में 15–16% वृद्धि का मार्गदर्शन बरकरार रखा और इसके ऊपरी सिरे तक पहुंचने की इच्छा जताई। बैंक गोल्ड लोन, बिजनेस लोन और MSME ऋण पर ध्यान देगा। गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में 41% वृद्धि दर्ज हुई है।
प्रबंधन ने मध्यम से लंबी अवधि में NIM को 3.40–3.50% तक ले जाने का लक्ष्य बताया। गोल्ड लोन की हिस्सेदारी मौजूदा लगभग 25% से पहले 30–32% और आगे 35% करने पर भी जोर रहेगा। ये प्रबंधन के लक्ष्य हैं।
बोर्ड ने ₹500 करोड़ के टियर-2 बॉन्ड जुटाने की अनुमति दी है। हालांकि, प्रबंधन ने मौजूदा पूंजी स्थिति को देखते हुए तत्काल किसी बड़ी पूंजी जरूरत की संभावना नहीं जताई। बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में करीब 11 शाखाएं खोलीं और परिचालन खर्च की वृद्धि ऋण वृद्धि से कम रखने की अपेक्षा बताई।
