नई दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 1961 के आयकर अधिनियम की पूरी समीक्षा की निगरानी के लिए एक आंतरिक समिति बनाई है।
 
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस समिति का उद्देश्य अधिनियम को संक्षिप्त, स्पष्ट और समझने में आसान बनाना है, जिससे विवादों और मुकदमेबाजी को कम किया जा सके और करदाताओं को अधिक कर निश्चितता प्रदान की जा सके। मंत्रालय ने आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर हितधारकों, विशेषज्ञों और जनता से सुझाव आमंत्रित किए हैं।

सुझाव चार श्रेणियों के तहत आमंत्रित किए गए हैं: भाषा का सरलीकरण, मुकदमेबाजी में कमी, अनुपालन में कमी, और अप्रचलित/पुराने प्रावधान। सुझाव आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्रस्तुत किए जा सकते हैं।