राष्ट्रपति ने भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा प्रशिक्षु के अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम में लिया भाग
राष्ट्रपति ने अधिकारियों से आह्वान किया कि संविधान के आदर्शों को बनाए रखते हुए वे राष्ट्र निर्माण में पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

नई दिल्ली : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय लेखा परीक्षा तथा लेखा अकादमी, शिमला द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। राष्ट्रपति ने इस संवाद कार्यक्रम में भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ भाग लिया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ,शिव प्रताप शुक्ल और मिनिस्टर इन वेटिंग, शिक्षा मंत्री, रोहित ठाकुर भी उपस्थित रहें।
राष्ट्रपति ने आह्वान किया कि प्रशिक्षु अधिकारी अपने कार्य और व्यक्तिगत दोनों ही क्षेत्रों में उच्च स्तर की निष्ठा और ज्ञान का समुचित उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लेखा परीक्षा का प्राथमिक उद्देश्य त्रुटियां खोजने की बजाय प्रक्रियाओं और नीतियों में सुधार होना चाहिए। इसलिए लेखा जांच की सिफारिशों को स्पष्टता और दृढ़ निश्चय के साथ संप्रेषित करना आवश्यक है ताकि नागरिकों को अधिकतम लाभ प्रदान करने के दृष्टिगत सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए इनका उपयोग किया जा सके। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में आगे कहा कि अमृत काल में भारत को विकास पथ पर अग्रसर करने में वे अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे ऐसा उन्हें विश्वास हैं।
