Tata Consumer Products Ltd ने 8 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल सूचना में बताया कि Income Tax Appellate Tribunal (ITAT) की कोलकाता पीठ ने आयकर विवाद में कंपनी के पक्ष में आदेश दिया है। 7 अक्टूबर 2026 के इस आदेश में अन्य विषयों के साथ अमूर्त परिसंपत्तियों पर कर मूल्यह्रास के दावे से जुड़ा मामला भी शामिल है।

कंपनी ने यह जानकारी अपने जारी आयकर मुकदमों के संबंध में दी है। यह 29 जून 2024 को किए गए खुलासे और उसके बाद तिमाही एकीकृत फाइलिंग के गवर्नेंस हिस्से में दी गई सूचनाओं का अगला अपडेट है। एक्सचेंज को भेजे पत्र में कंपनी ने अनुकूल आदेश की जानकारी देते हुए संबंधित कार्यवाही का विवरण भी संलग्न किया है।

आकलन वर्ष 2020-21 की कर मांग से जुड़ी अपील

फाइलिंग के अनुलग्नक के अनुसार, विवाद आकलन वर्ष 2020-21 के आयकर आकलन आदेश से संबंधित है। उस आदेश में कुछ समायोजन किए गए थे, जिनके आधार पर कंपनी से ब्याज सहित कर की मांग उठाई गई थी। Tata Consumer ने इस आकलन आदेश की जानकारी 29 जून 2024 को दी थी।

इसके बाद कंपनी ने आकलन आदेश के खिलाफ ITAT में अपील दायर की। अब उसी कार्यवाही में ट्रिब्यूनल ने कंपनी के पक्ष में आदेश पारित किया है। मुख्य पत्र में अमूर्त परिसंपत्तियों पर कर मूल्यह्रास के दावे का विशेष उल्लेख है, जबकि अनुलग्नक में आकलन आदेश, कर मांग और उसके विरुद्ध अपील का घटनाक्रम बताया गया है।

खुलासे में वित्तीय राशि का उल्लेख नहीं

उपलब्ध फाइलिंग में मूल कर मांग, ब्याज की राशि या ताजा आदेश से मिलने वाले वित्तीय लाभ का आंकड़ा नहीं दिया गया है। आदेश के विस्तृत निष्कर्ष और अन्य संबंधित मुद्दों का ब्योरा भी इस सूचना में शामिल नहीं है। इसलिए इस खुलासे से राहत की राशि निर्धारित नहीं होती।

कंपनी ने SEBI के लिस्टिंग नियमों के Regulation 30 के तहत यह सूचना दी है। अनुलग्नक में कार्यवाही के निपटारे के लिए समझौते, मुआवजे या जुर्माने से संबंधित विवरण को लागू नहीं बताया गया है। पत्र BSE, NSE और Calcutta Stock Exchange को संबोधित है। BSE पर कंपनी का शेयर कोड 500800 और NSE पर प्रतीक TATACONSUM है।