Max Estates को GST नोटिस: ₹2.59 करोड़ की प्रस्तावित मांग, अंतिम आदेश नहीं
Max Estates ने FY23 के GST मामलों में ₹2.59 करोड़ की प्रस्तावित मांग वाला नोटिस मिलने की जानकारी दी है। अंतिम आदेश नहीं आया है और फिलहाल परिचालन पर असर नहीं है।

Max Estates को GST नोटिस मिला है, जिसमें कर, ब्याज और जुर्माने सहित कुल ₹2.59 करोड़ की मांग प्रस्तावित है। कंपनी ने 8 अक्टूबर, 2026 को BSE में दाखिल सूचना में बताया कि मामला FY23 के GST रिटर्न और मिलान से जुड़ा है। कंपनी के अनुसार, अभी कोई अंतिम मांग या आदेश पारित नहीं हुआ है।
यह मामला Max Ventures and Industries Limited से संबंधित है, जिसका विलय Max Estates में 31 जुलाई, 2023 से प्रभावी हुआ था। विलय की नियुक्त तिथि 1 अप्रैल, 2022 थी। इस तरह नोटिस में शामिल वित्त वर्ष का मामला उस कंपनी से जुड़ा है, जो अब Max Estates में विलय हो चुकी है।
कारण बताओ नोटिस उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में राज्य कर विभाग के सेक्टर-3 स्थित उपायुक्त कार्यालय ने जारी किया है। GST DRC-01 फॉर्म में जारी नोटिस की तारीख 26 सितंबर, 2026 है। कंपनी ने घटना का समय 7 अक्टूबर, 2026 को दोपहर 13:33 बजे IST दर्ज किया है।
प्रस्तावित मांग में कर, ब्याज और जुर्माना
फाइलिंग के अनुसार, कुल प्रस्तावित मांग ₹2.59 करोड़ है। इसमें शामिल अलग-अलग मदों का विवरण इस प्रकार है:
- कर: ₹1.35 करोड़
- ब्याज: ₹97.25 लाख
- जुर्माना: ₹26.65 लाख
नोटिस में मुख्य रूप से वार्षिक रिटर्न और मिलान विवरण में अंतर, इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित मिलान, क्रेडिट नोट के विवरण तथा अन्य GST मिलान मामलों का उल्लेख है। ये विषय FY23 से संबंधित हैं।
नोटिस Central Goods and Services Tax Act, 2017 और Uttar Pradesh Goods and Services Tax Act, 2017 की धारा 73 के तहत जारी हुआ है। इसके साथ Integrated Goods and Services Tax Act, 2017 की धारा 20 का भी संदर्भ दिया गया है।
जवाब दाखिल करने की तैयारी
Max Estates ने कहा कि वह मामले की समीक्षा कर रही है और लागू कानूनों के अनुसार जवाब दाखिल करने सहित आवश्यक कदम उठाएगी। अंतिम वित्तीय प्रभाव, यदि कोई होता है, तो वह अधिनिर्णय की कार्यवाही के नतीजे पर निर्भर करेगा।
कंपनी के मुताबिक, इस चरण में परिचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं है। उसने मामले में किसी भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी हितधारकों को देने की बात कही है। यह खुलासा SEBI के सूचीबद्धता नियमों के Regulation 30 और Schedule III के तहत किया गया है।
