IRM Energy क्रेडिट रेटिंग: ₹700 करोड़ की बैंक सुविधाओं पर IND AA-/Stable बरकरार
India Ratings ने IRM Energy की ₹700 करोड़ की बैंक सुविधाओं पर रेटिंग बरकरार रखी। CNG बिक्री और मार्जिन सुधरे, लेकिन गैस लागत और विस्तार खर्च पर नजर रहेगी।

IRM Energy क्रेडिट रेटिंग पर 7 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग के अनुसार, India Ratings and Research ने कंपनी की ₹700 करोड़ की बैंक ऋण सुविधाओं पर IND AA-/Stable और IND A1+ रेटिंग बरकरार रखी है। एजेंसी ने इसके पीछे स्वस्थ वित्तीय स्थिति, गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार और CNG की बढ़ती बिक्री को आधार बताया।
India Ratings ने कंपनी का स्वतंत्र आधार पर आकलन किया है, जिसमें संयुक्त उद्यमों को दी गई कॉरपोरेट गारंटी भी शामिल है। मार्च 2026 के अंत में कंपनी की शुद्ध नकदी स्थिति सकारात्मक थी। ब्याज कवरेज FY25 के 4.36 गुना से सुधरकर FY26 में 7.61 गुना रहा। एजेंसी को विस्तार कार्यक्रम के लिए बाहरी कर्ज पर सीमित निर्भरता रहने की उम्मीद है।
CNG बिक्री बढ़ी, पहली तिमाही में मार्जिन 19%
कंपनी की दैनिक औसत गैस बिक्री FY25 के 0.57 मिलियन मानक घन मीटर से बढ़कर FY26 में 0.61 और FY27 की पहली तिमाही में 0.65 मिलियन मानक घन मीटर रही। जून 2026 तक CNG नेटवर्क 153 स्टेशनों तक पहुंचा। कुल बिक्री मात्रा में CNG की हिस्सेदारी पहली तिमाही में 67% रही, जबकि FY26 में यह 59.7% थी।
FY27 की पहली तिमाही में EBITDA ₹61.78 करोड़ और EBITDA मार्जिन 19% रहा। FY26 का मार्जिन 10.5% था। बेहतर बिक्री प्राप्ति और बढ़ी गैस खरीद लागत का देर से असर पड़ने से तिमाही की लाभप्रदता को सहारा मिला। हालांकि, प्रबंधन को आगे की तिमाहियों में इस स्तर से लाभप्रदता घटने की उम्मीद है, क्योंकि ऊंची खरीद लागत धीरे-धीरे दिखाई देगी।
Fatehgarh Sahib क्षेत्र में औद्योगिक गैस मांग कमजोर रही। एजेंसी के मुताबिक, NGT से जुड़े नियमों में ढील और घरेलू गैस आवंटन में कमी ने इस क्षेत्र की बिक्री को प्रभावित किया।
विस्तार खर्च और गैस आपूर्ति पर नजर
IRM Energy ने FY27 में लगभग ₹200 करोड़ का पूंजीगत खर्च प्रस्तावित किया है, जिसका मुख्य केंद्र Namakkal और Tiruchirappalli क्षेत्र होगा। कंपनी की योजना FY27 में 30-40 CNG स्टेशन जोड़ने की भी है। जून 2026 के अंत में ₹158.72 करोड़ के IPO proceeds अप्रयुक्त थे; विस्तार के लिए इन रकमों और आंतरिक नकदी का इस्तेमाल अपेक्षित है।
- गैस खरीद की लागत और प्रतिस्पर्धी दरों पर दीर्घकालिक आपूर्ति व्यवस्था लाभप्रदता के प्रमुख निर्धारक रहेंगे।
- न्यूनतम कार्य कार्यक्रम के लक्ष्यों में पिछड़ने पर संभावित नियामकीय कार्रवाई जोखिम है।
- Banaskantha और Fatehgarh Sahib में विपणन विशिष्टता FY24 में समाप्त हुई; बुनियादी ढांचे की विशिष्टता FY44 तक है।
