Godrej Properties और BMC बनाएंगे Bandra Bay प्रोमेनेड का पहला चरण, RC Group भी साथ
Godrej Properties, BMC और RC Group की साझेदारी में Bandra Bay पर पैदल पथ, बगीचा और लाइफस्टाइल हब बनेंगे। कंपनी ने BSE फाइलिंग में पहले चरण की जानकारी दी।

Godrej Properties ने 7 अक्टूबर 2026 को BSE फाइलिंग में बताया कि Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC), कंपनी और RC Group ने मुंबई के Bandra Bay प्रोमेनेड के पहले चरण के विकास की घोषणा की है। इस चरण में समुद्र किनारे पैदल चलने का रास्ता, बगीचा और लाइफस्टाइल हब विकसित किया जाएगा। यह पहल इलाके को एक सुव्यवस्थित तटीय क्षेत्र के रूप में विकसित करने की BMC की व्यापक योजना का हिस्सा है।
परियोजना के तहत खाड़ी के किनारे फिलहाल कम इस्तेमाल हो रही जमीन को हरियाली और सार्वजनिक उपयोग वाली जगहों में बदला जाएगा। प्रस्तावित विकास का उद्देश्य आसपास रहने वाले लोगों और यहां आने वाले आगंतुकों के लिए खुले स्थान उपलब्ध कराना है। कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजे पत्र के साथ इस साझेदारी का विवरण साझा किया।
पहले और दूसरे चरण में क्या बनेगा
घोषणा में पहले चरण के लिए तीन अलग-अलग सुविधाओं का विवरण दिया गया है:
- समुद्र किनारे पैदल पथ, जहां लोग सैर कर सकेंगे।
- खुले लॉन और नियोजित हरियाली वाला बगीचा।
- लाइफस्टाइल हब, जिसमें पालतू पशुओं के लिए पार्क, साहित्य से जुड़ी गतिविधियों का क्षेत्र और एम्फीथिएटर होगा।
दूसरे चरण में हरियाली के बीच मिनी गोल्फ कोर्स बनाया जाएगा। इसके साथ गतिविधियों और खेलकूद के लिए अलग समर्पित क्षेत्र भी प्रस्तावित है।
BMC के Deputy Municipal Commissioner (Zone III) Vishwas Mote ने कहा कि Bandra Reclamation का यह विकास नागरिकों को टहलने, परिवार के साथ समय बिताने और सामुदायिक मेलजोल के लिए स्थान उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इसे Bandra Bay प्रोमेनेड की व्यापक परिकल्पना से जोड़ा।
डिजाइन में टिकाऊपन और रखरखाव पर ध्यान
Godrej Properties के Chief Design & Sustainability Officer Rohit Mohan के अनुसार, डिजाइन में स्थानीय परिवेश, सुविधाओं की उपयोगिता, टिकाऊपन और आसान रखरखाव पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल के जरिए कंपनी सतत विकास से जुड़ी अपनी डिजाइन सोच को Bandra के तट तक ले जाना चाहती है।
RC Group के Head Design & Regulatory Anup Singh ने कहा कि डिजाइन प्रक्रिया में समुदाय की आकांक्षाओं को जगह दी गई है। उनके मुताबिक, इसमें लैंडस्केप डिजाइन, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सामुदायिक भागीदारी को साथ लाने की परिकल्पना है।
जारी विज्ञप्ति में परियोजना की लागत, साझेदारों का वित्तीय योगदान या निर्माण पूरा होने की समयसीमा नहीं बताई गई है।
