आईआरएसईई अधिकारी दीपक ग्रेवाल को एचआरआईडीसी में जीएम इलेक्ट्रिकल के पद पर डेप्यूटेशन पर नियुक्ति
यह नियुक्ति हरियाणा के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अनुभवी तकनीकी नेतृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में ऐसी नियुक्तियां अहम भूमिका निभाती हैं।

रेलवे मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) ने भारतीय रेलवे सेवा ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स (आईआरएसईई) के अधिकारी श्री दीपक ग्रेवाल को हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचआरआईडीसी) में जनरल मैनेजर (इलेक्ट्रिकल) के पद पर डेप्यूटेशन पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। सक्षम प्राधिकारी ने इस नियुक्ति को मंजूरी दी है। नॉर्दर्न रेलवे को निर्देश दिया गया है कि वे अधिकारी को राहत देकर नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भेजें। राहत की तारीख रेलवे बोर्ड को सूचित की जानी है।
यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) द्वारा भी मंजूर की गई है। दीपक ग्रेवाल 1998 बैच के आईआरएसईई अधिकारी हैं। उनकी डेप्यूटेशन अवधि तीन साल की है और यह मौजूदा डेप्यूटेशन नीति में छूट देते हुए मंजूर की गई है।
एचआरआईडीसी क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति
हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचआरआईडीसी) हरियाणा सरकार और रेल मंत्रालय का संयुक्त उद्यम है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना, क्षमता बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट्स को लागू करना और औद्योगिक क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ना है। कंपनी गुरुग्राम और चंडीगढ़ में कार्यालय संचालित करती है। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स इसके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं, जो दिल्ली क्षेत्र को बायपास करते हुए पालवल से सोनीपत तक कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे।
इलेक्ट्रिकल विभाग के जनरल मैनेजर के रूप में दीपक ग्रेवाल ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट), रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन और ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े कार्यों की निगरानी करेंगे। आईआरएसईई अधिकारियों के लिए इस पद पर कम से कम 17 साल की ग्रुप-ए सेवा और इलेक्ट्रिकल कंस्ट्रक्शन या रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन में अनुभव जरूरी होता है।
नियुक्ति का महत्व
हरियाणा में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ इलेक्ट्रिकल सिस्टम की मजबूती बेहद जरूरी हो गई है। नई लाइनों, गेज कन्वर्जन और औद्योगिक कॉरिडोर के लिए विश्वसनीय बिजली व्यवस्था और ट्रैक्शन सिस्टम की जरूरत है। अनुभवी आईआरएसईई अधिकारी के आने से प्रोजेक्ट्स की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार की उम्मीद है।
रेलवे बोर्ड ने पहले भी एचआरआईडीसी में जीएम (इलेक्ट्रिकल) और जीएम (एसएंडटी) पदों के लिए वैकेंसी नोटिस जारी किए थे। इन पदों पर डेप्यूटेशन के आधार पर ही अधिकारी भेजे जाते हैं। दीपक ग्रेवाल की नियुक्ति इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
आगे क्या होगा
नॉर्दर्न रेलवे अधिकारी को जल्द राहत देगा। राहत की तारीख तय होते ही वे एचआरआईडीसी में जॉइन कर लेंगे। डेप्यूटेशन के दौरान उनका वेतन पैरेंट पे के साथ संबंधित भत्तों के अनुसार रहेगा।
यह नियुक्ति हरियाणा के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अनुभवी तकनीकी नेतृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में ऐसी नियुक्तियां अहम भूमिका निभाती हैं।
