रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात में पांच गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) से जुड़े महत्वपूर्ण कामों को पूरा किया। उन्होंने शिवलखा जीसीटी का उद्घाटन किया, तीन जीसीटी राष्ट्र को समर्पित किए और लिंच जीसीटी का शिलान्यास भी किया। इससे राज्य की माल ढुलाई क्षमता मजबूत होगी और क्षेत्रीय आर्थिक केंद्रों, बंदरगाहों तथा देशभर के बाजारों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनेगी।

उद्घाटन के मौके पर मंत्री ने शिवलखा जीसीटी से मिठापुर के लिए नमक से भरी मालगाड़ी को भी हरी झंडी दिखाई। यह कदम गुजरात से नमक की ढुलाई में रेल का ज्यादा इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

गुजरात में माल ढुलाई को नई ताकत

गति शक्ति कार्गो टर्मिनल योजना के तहत बनाए जा रहे ये टर्मिनल निजी निवेश और सरकारी सहयोग से विकसित हो रहे हैं। इनसे उद्योगों को अपनी माल ढुलाई के लिए रेल का सीधा और किफायती विकल्प मिलेगा। बंदरगाहों से जुड़े इलाकों में माल जल्दी पहुंचेगा और सड़क पर निर्भरता कम होगी।

शिवलखा जीसीटी का उद्घाटन और तीन अन्य टर्मिनलों का राष्ट्र को समर्पण राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अच्छी खबर है। लिंच जीसीटी का शिलान्यास भविष्य में और ज्यादा क्षमता जोड़ने का संकेत है।

नमक की ढुलाई में रेल का बढ़ता योगदान

गुजरात नमक उत्पादन में देश में आगे है। शिवलखा से मिठापुर के लिए नमक की मालगाड़ी का प्रस्थान दिखाता है कि रेलवे अब खास सामानों की ढुलाई को भी प्राथमिकता दे रहा है। इससे किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को फायदा होगा। लागत घटेगी और समय बचेगा।

रेल मंत्रालय के अनुसार ऐसे टर्मिनल देशभर में माल परिवहन को तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद करेंगे। सड़क की तुलना में रेल से ढुलाई कार्बन उत्सर्जन भी कम करती है।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर असर

ये टर्मिनल गुजरात के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को पोर्ट और बाजारों से जोड़ेंगे। उद्योगों को कच्चा माल आसानी से मिलेगा और तैयार माल तेजी से देश-विदेश पहुंचेगा। रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

अश्विनी वैष्णव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि गति शक्ति योजना के तहत पूरे देश में माल ढुलाई का ढांचा मजबूत किया जा रहा है। गुजरात इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

ये विकास कार्य राज्य की लॉजिस्टिक्स क्षमता को नई ऊंचाई देंगे। आने वाले समय में और टर्मिनल जुड़ने से माल परिवहन और आसान होगा।