नई दिल्ली। NTPC Renewable Energy Limited (NREL), जो NTPC Limited की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, ने मध्य प्रदेश में 215 मेगावाट क्षमता वाले विंड एनर्जी प्रोजेक्ट के विकास के लिए ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित की हैं। यह प्रोजेक्ट राज्य ट्रांसमिशन यूटिलिटी (STU) सब-स्टेशन से जुड़ा होगा।

प्रोजेक्ट का स्कोप क्या है?

इस निविदा के अंतर्गत पूरा काम शामिल है—विंड फार्म का विस्तृत डिजाइन, इंजीनियरिंग, माइक्रो-साइटिंग, सप्लाई, इरेक्शन, टेस्टिंग और कमीशनिंग। साथ ही भूमि अधिग्रहण, STU कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना, ALMM सूचीबद्ध विंड टर्बाइन जनरेटर (3 मेगावाट या उससे अधिक क्षमता वाले) लगाना और 10 साल का व्यापक ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) भी स्कोप में है।

मध्य प्रदेश में यह 215 मेगावाट का विंड प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारत सरकार के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और नेट-जीरो की दिशा में ऐसे प्रोजेक्ट्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह निविदा?

NTPC REL द्वारा मध्य प्रदेश में 215 मेगावाट विंड एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए बिड्स आमंत्रित करना रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर्स के लिए नया अवसर पैदा करता है। ALMM-सूचीबद्ध टर्बाइनों का इस्तेमाल सुनिश्चित करने से गुणवत्ता और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। 10 साल का O&M कॉन्ट्रैक्ट प्रोजेक्ट की लंबी अवधि की विश्वसनीयता भी बढ़ाता है।

मध्य प्रदेश पहले से ही सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में सक्रिय राज्य है। STU कनेक्टिविटी के साथ यह प्रोजेक्ट ग्रिड इंटीग्रेशन को आसान बनाएगा और स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति में योगदान देगा।

आगे क्या उम्मीद?

निविदा प्रक्रिया के बाद सफल बोलीदाता को प्रोजेक्ट विकसित करने का मौका मिलेगा। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे प्रोजेक्ट्स से रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

NTPC REL की यह पहल 2026 और आगे के वर्षों में भारत के रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता विस्तार के लक्ष्यों के अनुरूप है। मध्य प्रदेश में 215 मेगावाट विंड प्रोजेक्ट जैसे प्रयासों से स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी और बढ़ेगी।