इंडियन ऑयल ने कोच्चि-कन्याकुमारी-तूतुकुडी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के लिए 2448.70 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी
यह परियोजना दक्षिण भारत में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पाइपलाइन की कुल लंबाई 424.65 किलोमीटर है। इसका रूट कोच्चि से शुरू होकर कन्याकुमारी होते हुए तूतुकुडी तक जाएगा। सिस्टम की क्षमता 6.84 एमएमएससीएमडी रखी गई है, जिसमें कम से कम 1.71 एमएमएससीएमडी कॉमन कैरियर क्षमता शामिल है।

21 सितंबर 2026 को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। कंपनी ने कोच्चि-कन्याकुमारी-तूतुकुडी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (KTPL) के निर्माण, बिछाने और संचालन के लिए अनुमानित 2,448.70 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी है।
यह परियोजना दक्षिण भारत में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पाइपलाइन की कुल लंबाई 424.65 किलोमीटर है। इसका रूट कोच्चि से शुरू होकर कन्याकुमारी होते हुए तूतुकुडी तक जाएगा। सिस्टम की क्षमता 6.84 एमएमएससीएमडी रखी गई है, जिसमें कम से कम 1.71 एमएमएससीएमडी कॉमन कैरियर क्षमता शामिल है।
परियोजना की मुख्य बातें
- लंबाई: 424.65 किलोमीटर
- मार्ग: कोच्चि → कन्याकुमारी → तूतुकुडी
- कुल क्षमता: 6.84 एमएमएससीएमडी
- कॉमन कैरियर क्षमता: न्यूनतम 1.71 एमएमएससीएमडी
- अनुमानित लागत: 2,448.70 करोड़ रुपये
बोर्ड की बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई और दोपहर 1:15 बजे समाप्त हुई। इंडियन ऑयल ने इस सूचना को सेबी (एलओडीआर) रेगुलेशन 30 के तहत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बीएसई को भेजा है।
दक्षिण भारत के लिए क्या मायने रखती है यह पाइपलाइन?
केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में प्राकृतिक गैस की मांग लगातार बढ़ रही है। उद्योग, बिजली उत्पादन और घरेलू उपयोग के लिए स्वच्छ ईंधन की जरूरत को देखते हुए यह पाइपलाइन महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। कोच्चि से तूतुकुडी तक गैस पहुंचाने से क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के विकल्प बढ़ेंगे।
यह परियोजना सिर्फ इंडियन ऑयल के लिए नहीं, बल्कि पूरे दक्षिणी भारत के गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नई संभावनाएं खोलती है। कॉमन कैरियर क्षमता का प्रावधान अन्य कंपनियों को भी इस नेटवर्क का इस्तेमाल करने का मौका देगा, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा और आपूर्ति दोनों बढ़ सकती है।
आगे क्या?
अब कंपनी इस परियोजना के विस्तृत कार्यान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगी। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और निर्माण कार्य जैसे चरणों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। निवेश की मंजूरी मिलने के बाद बाजार में इंडियन ऑयल के शेयरों पर भी नजर रहेगी, क्योंकि इतनी बड़ी पूंजीगत योजना कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
दक्षिण भारत में प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। कोच्चि-कन्याकुमारी-तूतुकुडी पाइपलाइन इस दिशा में एक ठोस कदम साबित हो सकती है।
(स्रोत: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड का 21 सितंबर 2026 का आधिकारिक प्रकटीकरण)
