सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाकर खनिज आयात पर निर्भरता कम करने की योजना बना रही है
केंद्र जल्द ही घरेलू उत्पादन को बढ़ाने, आयात पर निर्भरता को कम करने और अपतटीय खनन नीलामी को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (एनसीएमएम) शुरू करेगा, साथ ही राज्यों से निरंतर खनन गतिविधियों के लिए सहयोग करने का आग्रह करेगा।

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र जल्द ही घरेलू उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और अपतटीय खनन नीलामी को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (एनसीएमएम) शुरू करेगा, साथ ही राज्यों से निरंतर खनन गतिविधियों के लिए सहयोग करने का आग्रह किया।
ओडिशा के कोणार्क में आज सुबह तीसरे राष्ट्रीय खनन मंत्रियों के सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि लिथियम, कोबाल्ट, तांबा, निकल और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों को महत्वपूर्ण खनिजों के रूप में जाना जाता है, जो रक्षा उपकरण और प्रमुख प्रौद्योगिकियों के निर्माण के लिए आवश्यक हैं। मंत्री ने कहा कि भारत पहले ही महत्वपूर्ण खनिजों के लिए वैश्विक मंच पर अपनी जगह बना चुका है और कोयला एवं खान मंत्रालय चाहता है कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्र इस संबंध में मिलकर काम करें।
श्री रेड्डी ने यह भी घोषणा की कि भारत ने 48 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी शुरू की है, जिनमें से 24 का सफलतापूर्वक आवंटन किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू और कई अन्य राज्यों के खान मंत्री, केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज शुरू हुए दो दिवसीय सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
