REC टोकनाइज्ड कॉरपोरेट बॉन्ड के तहत REC Ltd ने 7 सितंबर 2026 को SEBI Regulatory Sandbox Framework में भारत का पहला पायलट इश्यू जारी किया। कंपनी ने BSE को दी सूचना में कहा कि यह इश्यू NSE के इलेक्ट्रॉनिक बुक प्रोवाइडर प्लेटफॉर्म पर बोली प्रक्रिया के जरिए किया गया।

Maharatna CPSE और Ministry of Power के तहत NBFC-IFC REC ने इस पायलट के लिए ₹100 करोड़ का बेस इश्यू रखा था, जिसमें ₹400 करोड़ का ग्रीनशू विकल्प शामिल था।

₹500 करोड़ स्वीकार, 7.30% कूपन

इश्यू का कुल आकार ₹500 करोड़ रहा। REC के अनुसार, निवेशकों से करीब ₹796 करोड़ की बुक बिल्डिंग प्राप्त हुई और कंपनी ने 1 वर्ष 9 महीने की अवधि के लिए 7.30% प्रति वर्ष कूपन पर ₹500 करोड़ स्वीकार किए।

विवरण आंकड़ा
स्वीकृत इश्यू राशि ₹500 करोड़
बुक बिल्डिंग करीब ₹796 करोड़
कूपन दर 7.30% प्रति वर्ष
अवधि 1 वर्ष 9 महीने

उसी दिन सेटलमेंट और एक्सचेंज लिस्टिंग

REC ने बताया कि टोकनाइज्ड मोड से बॉन्ड का पे-इन, आवंटन और लिस्टिंग एक ही दिन में हुआ। बांड NSE और BSE Limited पर सूचीबद्ध हैं। कंपनी के मुताबिक, पायलट में atomic Delivery-versus-Payment (DvP) settlement, permissioned distributed ledger और CBDC-enabled settlement का उपयोग किया गया, जबकि मौजूदा निवेशक सुरक्षा एवं नियामकीय प्रावधान बनाए रखे गए।

Source: BSE corporate announcement.