Dredging Corporation of India: DCI पोस्टल बैलट: Susanta Kumar Purohit की निदेशक नियुक्ति पर 5 नवंबर
Dredging Corporation of India ने Susanta Kumar Purohit की नियमित निदेशक नियुक्ति पर शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है। ई-वोटिंग 5 नवंबर तक, नतीजे 7 नवंबर तक आएंगे।

Dredging Corporation of India Ltd ने 5 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में Susanta Kumar Purohit, IRSEE की नियमित निदेशक नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगने की जानकारी दी। DCI पोस्टल बैलट के तहत प्रस्ताव पर केवल रिमोट ई-वोटिंग होगी। मतदान की अवधि 6 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक तय की गई है। कंपनी का BSE कोड 523618 और NSE सिंबल DREDGECORP है।
बोर्ड ने Purohit को 14 सितंबर 2026 से अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया था। उनकी श्रेणी प्रमोटर, गैर-कार्यकारी और गैर-स्वतंत्र निदेशक की है। अब इसी श्रेणी में नियमित नियुक्ति के लिए साधारण प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के अनुसार, वह बारी के आधार पर सेवानिवृत्ति के प्रावधान के अधीन होंगे।
कंपनी ने बताया कि शेयरधारकों की मंजूरी लेने की निर्धारित समयसीमा के भीतर वार्षिक आम बैठक प्रस्तावित नहीं है। इसलिए नियुक्ति को नियमित करने के लिए पोस्टल बैलट का रास्ता अपनाया गया है। बोर्ड ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान की सिफारिश की है।
मतदान की समयसीमा और पात्रता
- रिमोट ई-वोटिंग 6 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू होकर 5 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे समाप्त होगी। दोनों समय भारतीय मानक समय के अनुसार हैं।
- केवल वे शेयरधारक मतदान कर सकते हैं जिनके नाम 2 अक्टूबर 2026 की कट-ऑफ तारीख पर सदस्य रजिस्टर या डिपॉजिटरी के लाभार्थी रिकॉर्ड में दर्ज थे।
- मताधिकार कट-ऑफ तारीख पर चुकता इक्विटी पूंजी में हिस्सेदारी के अनुपात में होगा।
- परिणाम 7 नवंबर 2026 तक घोषित कर कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे और शेयर बाजारों को भेजे जाएंगे।
नोटिस इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा जा रहा है; भौतिक पोस्टल बैलट फॉर्म नहीं भेजे जाएंगे। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक मतदान की अनुमति नहीं होगी। मंजूरी मिलने पर प्रस्ताव 5 नवंबर 2026 को पारित माना जाएगा।
Purohit का अनुभव और नियुक्ति की शर्तें
फाइलिंग के अनुसार, Purohit 1996 बैच के IRSEE अधिकारी हैं। वह V.O. Chidambaranar Port Authority के चेयरपर्सन हैं और Paradip Port Authority के चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। उन्होंने भारतीय रेलवे, बिजली मंत्रालय, ओडिशा सरकार और केंद्र सरकार में काम किया है, जिसमें रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग के संयुक्त सचिव का पद शामिल है।
कंपनी के मुताबिक, Purohit के पास DCI के शेयर नहीं हैं और उनका अन्य निदेशकों, प्रबंधक या प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों से कोई संबंध नहीं है। प्रमोटर निदेशक के रूप में उन्हें बोर्ड और उसकी समितियों की बैठकों के लिए बैठक शुल्क, पारिश्रमिक या अन्य सुविधाएं नहीं मिलेंगी।
