Container Corporation of India: CONCOR GST मांग: ₹2.57 करोड़ से अधिक टैक्स, जुर्माना और ब्याज का
CONCOR को वित्त वर्ष 2018-19 के मामले में GST, जुर्माना और ब्याज की मांग मिली है। कंपनी ने किसी गैर-अनुपालन से इनकार किया और अपील सहित उचित कदम उठाने की बात

CONCOR GST मांग मामले में Container Corporation of India Ltd ने 21 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में टैक्स, जुर्माना और ब्याज के आदेश की जानकारी दी। कंपनी के अनुसार, मुंबई के Joint Commissioner of State Tax (Appeals) IV ने यह आदेश जारी किया है। आदेश 19 अक्टूबर 2026 का है और कंपनी को उसी दिन प्राप्त हुआ था।
आदेश में GST के रूप में ₹2,57,75,816, जुर्माने के तौर पर ₹27,63,866 और ब्याज के मद में ₹2,96,43,474 की मांग की गई है। ये तीनों रकम अलग-अलग मदों में बताई गई हैं। ब्याज की मांग, मूल GST मांग से अधिक है।
कंपनी ने यह जानकारी SEBI के सूचीबद्धता दायित्व एवं प्रकटीकरण नियमों के Regulation 30 और Schedule III के तहत शेयर बाजारों को दी। CONCOR भारत सरकार की नवरत्न CPSE और मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स कंपनी है।
वित्त वर्ष 2018-19 की अपील से जुड़ा आदेश
फाइलिंग के मुताबिक, यह वित्त वर्ष 2018-19 के लिए दायर अपील पर जारी Appeal Order (APL-04) है। विभाग ने CGST Act की धारा 73 के तहत DRC-07 जारी किया था, जिसके खिलाफ कंपनी ने अपील की थी। अब उसी अपील से संबंधित आदेश में कर, जुर्माना और ब्याज की मांग बताई गई है।
कर प्राधिकरण ने मामले में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और टैक्स भुगतान से जुड़े चार आरोप बताए हैं:
- जरूरत से अधिक ITC का लाभ लेना।
- टैक्स का कम भुगतान करना।
- ऐसा ITC लेना जो स्वीकार्य नहीं था।
- ITC का आवश्यक मात्रा से कम रिवर्सल करना।
ये प्राधिकरण के बताए आरोप हैं। कंपनी ने अपने आंतरिक आकलन के आधार पर इनसे अलग रुख रखा है और कहा है कि उसकी ओर से कोई गैर-अनुपालन नहीं हुआ है।
कंपनी ने अपील सहित कार्रवाई की बात कही
CONCOR के अनुसार, उसके आंतरिक आकलन के आधार पर इस आदेश से कंपनी के वित्तीय, परिचालन या अन्य कार्यकलापों पर कोई भौतिक प्रभाव नहीं है। यह आकलन कंपनी ने फाइलिंग में अपने पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया है।
कंपनी ने बताया कि मामले में अपील दाखिल करने सहित उचित कदम उठाए जा रहे हैं। फाइलिंग में आगे की अपील के नतीजे या मांग में किसी राहत की जानकारी नहीं दी गई है।
