खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की यूनिट #2 में टर्बाइन बैरिंग गियर ऑपरेशन सफल

श्री आर. के. विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसीआईएल ने 25 मार्च 2025 को खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (2x660 मेगावाट) की यूनिट #2 में टर्बाइन बैरिंग गियर (टीजी) ऑपरेशन की सफलता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण स्थापना की सफलता, परियोजना टीम की तकनीकी उत्कृष्टता और निर्धारित समयसीमा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। टीएचडीसीआईएल हाइड्रो, थर्मल, विंड और सोलर ऊर्जा परियोजनाओं के विविध पोर्टफोलियो के साथ भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
श्री विश्नोई ने कहा कि खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, विश्व स्तरीय पर्यावरणीय मानकों के साथ विश्वसनीय ऊर्जा उत्पादन को सुनिश्चित करता है। यह परियोजना देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगी और उच्च परिचालन मानकों को बनाए रखेगी। उन्होंने यह भी बताया कि टर्बाइन बैरिंग गियर की स्थापना के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण यूनिट #2 का बॉयलर लाइट-अप होगा, जिससे स्टीम जनरेशन प्रक्रिया शुरू होगी।
इस अवसर पर टीएचडीसीआईएल के निदेशक (तकनीकी) श्री भूपेंद्र गुप्ता ने टीम खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (KSTPP) को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि टर्बाइन बैरिंग गियर की स्थापना किसी भी थर्मल पावर प्लांट के कमीशनिंग में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। यह ऑपरेशन स्टार्टअप, शटडाउन और निष्क्रिय अवधि के दौरान टरबाइन की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और तापीय तनावों को रोकते हुए संभावित यांत्रिक समस्याओं को कम करता है।
इस सफलता के पीछे टीएचडीसीआईएल, एनटीपीसी, बीएचईएल और अन्य प्रमुख हितधारकों के बीच सुव्यवस्थित समन्वय, टीमवर्क और विस्तृत योजना शामिल है। इस अवसर पर टीएचडीसीआईएल, एनटीपीसी और बीएचईएल के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें श्री कुमार शरद (कार्यकारी निदेशक, परियोजना), श्री बी. के. साहू (महाप्रबंधक, संचालन और रखरखाव), श्री संदीप भटनागर (महाप्रबंधक, वित्त), श्री आर. एम. दुबे (महाप्रबंधक, इलेक्ट्रिकल), श्री मुकुल शर्मा (एजीएम, टीजी) सहित अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित थे।
