आरईसी लिमिटेड ने तमिलनाडु में पावर प्लांट के लिए 8.44 करोड़ रुपये का योगदान दिया
यह परियोजना जीआरआई द्वारा बीएचईएल के तकनीकी सहयोग से क्रियान्वित की जाएगी।

नई दिल्ली: विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली महारत्न सीपीएसई और एक प्रमुख एनबीएफसी आरईसी लिमिटेड ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं। आरईसी ने तमिलनाडु के डिंडीगुल में गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान (जीआरआई) में छात्रों, शोधार्थियों के लाभ के लिए 1 मेगावाट मल्टी-टेक्नोलॉजी ग्राउंड-माउंटेड, ग्रिड से जुड़े सौर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट की स्थापना के लिए 8.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है।
यह परियोजना जीआरआई द्वारा बीएचईएल के तकनीकी सहयोग से क्रियान्वित की जाएगी।
इस समझौते पर 9 जनवरी 2025 को श्रीमती थारा रमेश, सीपीएम आरईसी आरओ चेन्नई और डॉ. एल. रथकृष्णन, जीआरआई के बीच श्री नारायणन थिरुपथी, स्वतंत्र निदेशक, आरईसी की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस सौर फोटोवोल्टिक बहु प्रौद्योगिकी बिजली संयंत्र की स्थापना से न केवल संस्थान बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि आधुनिक सौर ऊर्जा संयंत्रों में पैनल और इनवर्टर प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में नवीनतम अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग पर अनुसंधान के लिए केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा।
