राज्य संचालित नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) आरईसी लिमिटेड ने बोर्ड के सीनियर मैनेजमेंट में बदलाव की सूचना जारी की है। कंपनी ने आईएएस अधिकारी ईशा दुहान को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति आरईसी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि कंपनी बिजली क्षेत्र के वित्तपोषण में प्रमुख भूमिका निभाती है।

ईशा दुहान उत्तर प्रदेश कैडर की 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने Thapar यूनिवर्सिटी से बायोटेक्नोलॉजी में स्नातक की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने इग्नू से जेंडर डेवलपमेंट स्टडीज में मास्टर्स डिग्री भी पूरी की है। आरईसी में आने से पहले वे शुगर इंडस्ट्रीज एंड केन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट में मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर तैनात थीं।

आरईसी लिमिटेड ने आधिकारिक तौर पर इस बदलाव की जानकारी दी है। कंपनी के बोर्ड में सीनियर मैनेजमेंट लेवल पर यह नियुक्ति ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े वित्तपोषण और विकास कार्यों को नई दिशा दे सकती है। ईशा दुहान का प्रशासनिक अनुभव और विकास संबंधी विषयों पर उनकी विशेषज्ञता आरईसी के कामकाज में उपयोगी साबित हो सकती है।

आरईसी लिमिटेड भारत की प्रमुख सरकारी एनबीएफसी में से एक है, जो मुख्य रूप से बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण परियोजनाओं के लिए वित्त उपलब्ध कराती है। बोर्ड में ऐसे अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति कंपनी की नीतियों और संचालन को मजबूत बनाने में मददगार मानी जाती है।

यह बदलाव आरईसी के वर्तमान नेतृत्व और भविष्य की योजनाओं के संदर्भ में चर्चा का विषय बन रहा है। ईशा दुहान की पृष्ठभूमि प्रशासनिक सेवा और विकास कार्यों से जुड़ी हुई है, जो कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है।

आरईसी लिमिटेड की आधिकारिक सूचना के अनुसार यह नियुक्ति प्रभावी हो चुकी है। कंपनी के शेयरधारक और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोग इस बदलाव पर नजर रखे हुए हैं।