कोल इंडिया और गेल ने संयुक्त उद्यम 'कोल गैस इंडिया' का गठन, सिंथेटिक नेचुरल गैस बाजार में रखी मजबूत पकड़

कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), एक महारत्न सरकारी कंपनी, ने गेल (इंडिया) लिमिटेड के साथ मिलकर एक नई संयुक्त उद्यम कंपनी "कोल गैस इंडिया लिमिटेड" की स्थापना की है। यह कदम कोल इंडिया के विविधीकरण की रणनीति का हिस्सा है और सिंथेटिक नेचुरल गैस (SNG) सेक्टर में इसकी उपस्थिति को मजबूत करेगा।
इस संयुक्त उद्यम का पंजीकरण 25 मार्च 2025 को हुआ, जिसके तहत इसे कॉरपोरेट आइडेंटिटी नंबर (CIN) U19201WB2025GOI277773 आवंटित किया गया। कोल इंडिया ने इस संयुक्त उद्यम में 51% हिस्सेदारी ली है, जबकि गेल की हिस्सेदारी 49% होगी। इस नई कंपनी का मुख्य उद्देश्य कोल-टू-सिंथेटिक नेचुरल गैस (SNG) का उत्पादन करना और इससे जुड़े अन्य व्यावसायिक अवसरों को खंगालना है।
"कोल गैस इंडिया लिमिटेड" के तहत SNG, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिकल्स का उत्पादन किया जाएगा। साथ ही, इस परियोजना के तहत आवश्यक प्लांट्स की स्थापना, कोयला खनन, कोयला शोधन और कोयला आयात से जुड़ी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। यह संयुक्त उद्यम देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ गैस सेक्टर में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगा।
कोल इंडिया को इस संयुक्त उद्यम के गठन की मंजूरी कोयला मंत्रालय, नीति आयोग और DIPAM से 19 फरवरी 2025 को प्राप्त हुई थी। आने वाले दिनों में कोल इंडिया अपनी वार्षिक उत्पादन रिपोर्ट जारी करेगा। कंपनी ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 838 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य रखा है और इसे पूरा करने के लिए अभी 100 मिलियन टन से अधिक उत्पादन करना बाकी है।
मंगलवार को कोल इंडिया के शेयर 2% गिरकर ₹398 पर कारोबार कर रहे थे, जो ₹543 के अपने उच्चतम स्तर से 27% नीचे है। यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण समय है क्योंकि कंपनी अपने नए व्यवसाय के साथ ऊर्जा बाजार में नई संभावनाएं तलाश रही है।
