नए संसद भवन का निर्माण कार्य हुआ पूरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन
नए संसद भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, इसका उद्घाटन 28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जायेगा।

नई दिल्ली : नए संसद भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, इसका उद्घाटन 28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जायेगा। लोकसभ सचिवालय के मुताबिक, स्पीकर ओम बिरला 18 मई 2023 को पीएम मोदी से मुलाकात की और उन्हें नए संसद भवन के उद्धाटन के लिए आमंत्रित किया। ख़बर के मुताबिक नए संसद भवन का काम निर्धारित समय में पूरा हुआ और नया भवन आत्मनिर्भर भारत का शानदार नमूने को दर्शाता है। वही संयोगवश 28 मई 2023 को वीर सावरकर की जयंती भी है।
ऐसी उम्मीद की जा रही है की जुलाई के तीसरे हफ्ते में शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र की कार्यवाही नए भवन में ही शुरू की जाएगी। हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। नए संसद भवन की इमारत राष्ट्र के शक्ति केंद्र सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास का एक हिस्सा है। इस पुनर्विकास के अंतर्गत राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर की सड़क का नवीनीकरण, एक सामान्य केंद्रीय सचिवालय का निर्माण, प्रधानमंत्री का एक नया कार्यालय और आवास, और एक नया उपराष्ट्रपति एन्क्लेव केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के द्वारा पूरी की जा रही है।
क्यों किया गया नए संसद भवन का निर्माण
प्रधानमंत्री के आधारशिला रखने के साथ ही नए भवन का निर्माण कार्य 10 दिसंबर 2020 को शुरू किया गया था। तक़रीबन 100 साल पहले संसद की पुरानी बिल्डिंग साल 1927 में बनकर तैयार हुई थी, जगह काम होने की वजह से सांसदों को न सिर्फ बैठने में दिक्कत हो रही थी बल्कि नई जरूरतों को देखते हुए पुरानी इमारत में आधुनिक सुविधाओं और तकनीक का भी अभाव महसूस किया जा रहा था। इन जरूरतों को देखते हुए नए भवन का निर्माण करवाया गया।
नए संसद भवन की क्या है क्षमता
पुरानी बिल्डिंग की तरह ही नए भवन में भी लोकसभा और राज्यसभा के लिए दो अलग-अलग चेंबर का निर्माण किया गया है। नए संसद भवन की लोकसभा चेंबर में जहां एक साथ 888 सदस्य सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है, वहीं राज्यसभा के चेंबर में एक साथ 384 सदस्य बैठ सकेंगे। पुरानी बिल्डिंग में संयुक्त सत्र का आयोजन सेंट्रल हॉल में किया जाता था, लेकिन नए भवन में इसका आयोजन लोकसभा चेंबर में किया जाएगा, जिसमें एक साथ 1280 सांसदों के बैठने की क्षमता है।
