Power Grid Corporation of India: POWERGRID ने ₹18.43 करोड़ में खरीदी Lakadia II, गुजरात की 7500 MW
POWERGRID ने Lakadia II की 100% हिस्सेदारी करीब ₹18.43 करोड़ में खरीदी। गुजरात में RE परियोजनाओं की बिजली जोड़ने के लिए बनने वाले नेटवर्क में 765kV लाइनें

Power Grid Corporation of India Ltd (POWERGRID) ने 12 अक्टूबर 2026 को Lakadia II Power Transmission Limited का अधिग्रहण किया। कंपनी ने उसी दिन BSE को दी गई फाइलिंग में बताया कि उसने इस परियोजना कंपनी की 100% हिस्सेदारी करीब ₹18.43 करोड़ के कुल मूल्य पर खरीदी है। यह सौदा गुजरात के Lakadia नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से बिजली को अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली से जोड़ने वाली परियोजना से संबंधित है।
POWERGRID ने टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली यानी TBCB में सफल बोलीदाता चुने जाने के बाद यह अधिग्रहण किया। परियोजना की विशेष प्रयोजन कंपनी यानी SPV को बोली प्रक्रिया समन्वयक REC Power Development and Consultancy Limited (RECPDCL) से खरीदा गया है। इसका क्रियान्वयन बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (BOOT) आधार पर होगा।
गुजरात में सबस्टेशन और 765kV लाइनों का निर्माण
फाइलिंग में परियोजना का नाम ‘Transmission system for Integration of Power from RE Projects in Lakadia REZ in Gujarat-Phase 11 (7500MW)’ दिया गया है। इसमें उल्लिखित 7500 MW क्षमता उन RE परियोजनाओं से संबंधित है, जिनकी बिजली के एकीकरण के लिए पारेषण प्रणाली स्थापित की जानी है। परियोजना में निम्न कार्य शामिल हैं:
- गुजरात में नया 765/400kV Lakadia-II सबस्टेशन स्थापित करना।
- गुजरात से गुजरने वाली 765kV पारेषण लाइनों और उनसे जुड़े उपकरणों तथा बे का निर्माण।
- Lakadia-II सबस्टेशन पर Synchronous condenser की स्थापना और कमीशनिंग।
अधिग्रहण का भुगतान नकद में किया गया है। कुल मूल्य में ₹10 अंकित मूल्य पर 50,000 इक्विटी शेयर तथा अधिग्रहण की तारीख पर कंपनी की परिसंपत्तियां और देनदारियां शामिल हैं। अंतिम अधिग्रहण मूल्य में समायोजन संभव है; यह 12 अक्टूबर 2026 की स्थिति के अनुसार तैयार कंपनी के ऑडिट किए गए खातों पर निर्भर करेगा।
ट्रांसमिशन लाइसेंस की मंजूरी अभी बाकी
RECPDCL ने कंपनी के हस्तांतरण के लिए जरूरी मंजूरियां प्राप्त कर ली थीं। अधिग्रहण के बाद Lakadia II Power Transmission Limited को Central Electricity Regulatory Commission से ट्रांसमिशन लाइसेंस और पारेषण शुल्क अपनाने की मंजूरी प्राप्त करनी है।
लक्षित कंपनी का गठन 9 मई 2026 को हुआ था और उसने अभी वाणिज्यिक परिचालन शुरू नहीं किया है। फाइलिंग के अनुसार उसका कोई टर्नओवर दर्ज नहीं हुआ है। वह भारत में बिजली पारेषण का कारोबार करेगी, जो POWERGRID का भी मुख्य व्यवसाय है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह संबंधित पक्ष का लेनदेन नहीं है और अधिग्रहण से पहले लक्षित इकाई में उसका कोई हित नहीं था।
