कोयला मंत्रालय ने नामित प्राधिकरण के रूप में कार्य करते हुए हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को मीनाक्षी कोयला खदान के लिए वेस्टिंग ऑर्डर जारी किया है। यह निर्णय 22 नवंबर, 2024 को कोयला खदान विकास और उत्पादन समझौते (सीएमडीपीए) पर हस्ताक्षर करने के बाद लिया गया है।

मीनाक्षी कोयला खदान एक पूरी तरह से खोजी गई एमएमडीआर कोयला खदान है जिसकी पीक रेटेड क्षमता (पीआरसी) 12.00 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) और लगभग 285.23 मिलियन टन (एमटी) भूगर्भीय भंडार है। इस पीआरसी के आधार पर इससे लगभग 1,152.84 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है।

1,800 करोड़ रुपये के अनुमानित पूंजी निवेश के साथ, मीनाक्षी कोयला खदान देश के कोयला उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी तथा ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान देगी।

मीनाक्षी कोयला खदान के विकास से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 16,224 व्यक्तियों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय समुदाय की आर्थिक वृद्धि में योगदान मिलेगा और क्षेत्र में आजीविका में सुधार होगा। यह पहल राष्ट्र की कोयला उत्पादन क्षमता को बढ़ाने, आर्थिक विकास का समर्थन करने और स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोयला मंत्रालय जिम्मेदार और कुशल कोयला खनन संचालन के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।