भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के बोर्ड ने 6 अगस्त 2026 को अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी।

मुख्य हाइलाइट्स

  • नेट प्रॉफिट (PAT): ₹13,492 करोड़ (पिछले साल ₹10,986 करोड़) → +22.81%

  • वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB): ₹3,136 करोड़ → +61.32%

  • VNB मार्जिन (नेट): 22.9% → 750 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी (पिछले साल 15.4%)

  • कुल प्रीमियम इनकम: ₹1,27,250 करोड़ → +6.75%

  • इंडिविजुअल न्यू बिजनेस प्रीमियम: ₹14,351 करोड़ → +14.48%

  • कुल APE: ₹13,692 करोड़ → +8.22%

  • एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM): ₹59,39,384 करोड़ → +4.10%

  • सॉल्वेंसी रेशियो: 2.42 (पिछले साल 2.17)

 

बिजनेस मिक्स और ग्रोथ

  • इंडिविजुअल बिजनेस में नॉन-पार APE की हिस्सेदारी बढ़कर 32.49% हो गई (पिछले साल 30.34%)

  • ग्रुप बिजनेस APE 10.20% बढ़कर ₹6,160 करोड़ रहा

  • इंडिविजुअल सेगमेंट में 31.02 लाख पॉलिसी बिकीं (+2.06%)

  • फर्स्ट ईयर प्रीमियम इनकम के आधार पर LIC का कुल मार्केट शेयर 60.10% रहा

LIC ने इंडिविजुअल और ग्रुप दोनों सेगमेंट में अपनी मार्केट लीडरशिप बरकरार रखी।

CEO का बयान

श्री आर. दोराईस्वामी, CEO एवं MD ने कहा, “हम बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद इंडिविजुअल और ग्रुप दोनों बिजनेस में लीडरशिप बनाए रखने में सफल रहे हैं। VNB में 61% से ज्यादा की वृद्धि और मार्जिन में 7.5% का विस्तार हमारी प्रोडक्ट डायवर्सिफिकेशन और डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी का सीधा नतीजा है।”

उन्होंने हाल ही में हुए 6.5% सरकारी हिस्सेदारी के OFS का भी जिक्र किया और बताया कि 1 सितंबर 2026 को LIC के 70 साल पूरे होंगे।

 

LIC के बारे में

भारतीय जीवन बीमा निगम देश का सबसे बड़ा जीवन बीमाकर्ता है। 1956 में स्थापित LIC इंडिविजुअल और ग्रुप दोनों सेगमेंट में मार्केट लीडर है। कंपनी भारतीय वित्तीय क्षेत्र के सबसे बड़े एसेट बेस में से एक का प्रबंधन करती है और करोड़ों लोगों को जीवन बीमा कवरेज उपलब्ध कराती है।

स्रोत: LIC का आधिकारिक प्रेस रिलीज और बोर्ड मीटिंग का नतीजा, 6 अगस्त 2026