श्री रमेश चंद्र महापात्रा ने संभाला एसईसीएल निदेशक (तकनीकी) का पदभार
Shri Ramesh Chandra Mohapatra joins SECL as Director Technical bringing over 30 years of mining expertise. He has a proven track record in operational excellence and strategic leadership.

दिनांक 27 अगस्त 2025 को श्री रमेश चंद्र महापात्रा ने एसईसीएल निदेशक (तकनीकी) का पदभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर सीएमडी एसईसीएल श्री हरीश दुहन ने एसईसीएल परिवार में उनका हार्दिक स्वागत करते हुए उन्हें बधाई व शुभकामनाएँ दीं, इस अवसर पर श्रीमती शुभश्री महापात्रा की विशेष उपस्थिति रही।
एसईसीएल निदेशक (तकनीकी) संचालन, श्री एन फ़्रेंकलिन जयकुमार एवं निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास ने भी श्री महापात्रा से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
एसईसीएल में निदेशक (तकनीकी) का पदभार संभालने से पूर्व श्री रमेश चंद्र महापात्रा, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के झांझरा क्षेत्र में क्षेत्रीय महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।
खनन क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय का अनुभव रखने वाले, श्री महापात्रा परिचालन में रणनीतिक दृष्टिकोण और नवाचारी नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं।
उन्होने आईआईटी-बीएचयू से 1990 में माइनिंग इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। श्री महापात्रा ने मानव संसाधन प्रबंधन में एमबीए किया है और वे इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के फेलो भी हैं।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एसईसीएल के कोरबा क्षेत्र स्थित सूराकछार कोलियरी से की और उन्हें कोलियरी मैनेजर, प्रोजेक्ट ऑफिसर से लेकर अतिरिक्त महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक जैसे पदों पर कार्य करने का व्यापक अनुभव है।
अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने सीआईएल की कुछ सबसे बड़ी भूमिगत एवं ओपनकास्ट खनन परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया है। उत्पादन वृद्धि, आधुनिक प्रौद्योगिकियों के समावेश, भूमि एवं पुनर्वास संबंधी जटिल मुद्दों के समाधान तथा समुदायों के साथ मजबूत जुड़ाव स्थापित करने में उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय कोयला क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है, जिसमें अफ्रीकन माइनिंग इंदाबा (केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका) और चेक गणराज्य में औद्योगिक सहयोग वार्ताएँ शामिल हैं।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एसईसीएल के कोरबा क्षेत्र स्थित सूराकछार कोलियरी से की और उन्हें कोलियरी मैनेजर, प्रोजेक्ट ऑफिसर से लेकर अतिरिक्त महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक जैसे पदों पर कार्य करने का व्यापक अनुभव है।
अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने सीआईएल की कुछ सबसे बड़ी भूमिगत एवं ओपनकास्ट खनन परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया है। उत्पादन वृद्धि, आधुनिक प्रौद्योगिकियों के समावेश, भूमि एवं पुनर्वास संबंधी जटिल मुद्दों के समाधान तथा समुदायों के साथ मजबूत जुड़ाव स्थापित करने में उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय कोयला क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है, जिसमें अफ्रीकन माइनिंग इंदाबा (केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका) और चेक गणराज्य में औद्योगिक सहयोग वार्ताएँ शामिल हैं।
