रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने हाल ही में ₹54,000 करोड़ की आठ रक्षा खरीद योजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे भारत की सैन्य क्षमताओं को मजबूती मिलेगी। इन परियोजनाओं में भारतीय सेना के T-90 टैंकों के इंजन को 1,000 हॉर्सपावर से बढ़ाकर 1,350 हॉर्सपावर करना, नौसेना के लिए देश में विकसित वरुणास्त्र टॉरपीडो की खरीद, और वायुसेना के लिए एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम की खरीद शामिल है। ये फैसले देश की रक्षा उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत पहल को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन ऑर्डर्स से BEL, BDL, Astra Microwave जैसी कंपनियों को सीधा फायदा होगा, क्योंकि वे इन रक्षा प्रणालियों के प्रमुख निर्माताओं में शामिल हैं। इसके अलावा, सरकार द्वारा रक्षा खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए नई नीतियाँ लागू करने से FY26 में रक्षा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। शेयर बाजार विश्लेषकों ने BEL, BDL और Astra Microwave को "BUY" रेटिंग दी है, जिससे निवेशकों को भी इस क्षेत्र में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है।

रक्षा उद्योग के जानकारों के अनुसार, घरेलू रक्षा खरीद का हिस्सा 54% से बढ़कर 75% हो चुका है और आने वाले वर्षों में यह और बढ़ सकता है। इस फैसले से PTC Industries, Mazagon Dock, Hindustan Aeronautics Limited (HAL) जैसी प्रमुख भारतीय रक्षा कंपनियों को भी लाभ मिलेगा। सरकार का यह कदम भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित हो सकता है।