Ravindra Energy ऋण समझौता: Tata Capital से 100 करोड़ रुपये तक की सुविधा
Ravindra Energy ने Tata Capital से 100 करोड़ रुपये तक के ऋण का समझौता किया है। राशि Energy In Motion या उसकी सहायक कंपनियों को असुरक्षित ऋण के रूप में दी जाएगी।

Ravindra Energy ऋण समझौते के तहत Tata Capital Limited से 100 करोड़ रुपये तक की रुपया टर्म लोन सुविधा लेगी। कंपनी ने 6 नवंबर 2026 को BSE को दी गई फाइलिंग में बताया कि समझौता 5 नवंबर 2026 को किया गया। इस राशि का इस्तेमाल संयुक्त नियंत्रण वाली कंपनी Energy In Motion Limited या उसकी किसी सहायक कंपनी में असुरक्षित ऋण के रूप में पैसा देने के लिए होगा।
फाइलिंग के मुताबिक, यह अतिरिक्त ऋण सुविधा है और इसका मूलधन 100 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगा। समझौते में Ravindra Energy Limited उधारकर्ता और Tata Capital Limited ऋणदाता हैं। कंपनी ने यह जानकारी SEBI के सूचीबद्धता और प्रकटीकरण नियमों के विनियम 30 के तहत शेयर बाजारों को दी है।
ब्याज और ऋण की सुरक्षा शर्तें
फाइलिंग में 12.75% सालाना फ्लोटिंग ब्याज दर बताई गई है, जिसका भुगतान मासिक होगा। Tata Capital की सुविधा सुरक्षित ऋण है, जबकि इससे मिली राशि आगे Energy In Motion या उसकी सहायक कंपनियों को असुरक्षित ऋण के तौर पर दी जाएगी। मूलधन के साथ ब्याज, शुल्क, खर्च और अन्य देय रकम के लिए ये सुरक्षा प्रावधान रखे गए हैं:
- Ravindra Energy की वर्तमान और भविष्य की चल अचल-परिसंपत्तियों तथा चालू परिसंपत्तियों पर प्रथम समान-प्राथमिकता वाला प्रभार होगा। मौजूदा ऋणदाताओं के विशेष प्रभार वाली परिसंपत्तियां इसके दायरे से बाहर रहेंगी।
- परियोजना SPV से कंपनी को मिलने वाले नकदी प्रवाह पर भी प्रथम समान-प्राथमिकता वाला प्रभार होगा। इसमें PM KUSUM परियोजनाओं की सब्सिडी और SPV स्तर पर जुटाया गया अतिरिक्त ऋण शामिल है।
- इस सुविधा की रकम से REL द्वारा Energy In Motion को दिए जाने वाले असुरक्षित ऋण पर प्रथम विशेष प्रभार होगा।
- प्रवर्तक Narendra Murkumbi की बिना शर्त और अपरिवर्तनीय व्यक्तिगत गारंटी तथा प्रवर्तक इकाई Khandepar Investments Private Limited की ऐसी ही कॉरपोरेट गारंटी होगी।
- REL में प्रवर्तक की शेयरधारिता गिरवी रखी जाएगी, जिसका कवर सुविधा की बकाया राशि का एक गुना होगा।
चूक होने पर निदेशक नामित करने का अधिकार
समझौते के अनुसार, चूक की घटना होने और उसके जारी रहने पर Tata Capital कंपनी के निदेशक मंडल में अपना नामित प्रतिनिधि नियुक्त कर सकती है। यह अधिकार इसी शर्त से जुड़ा है।
Ravindra Energy ने बताया कि Tata Capital का उसके प्रवर्तकों, प्रवर्तक समूह के सदस्यों या समूह कंपनियों से कोई संबंध नहीं है। कंपनी के अनुसार, यह ऋण लेने का लेनदेन संबंधित पक्ष लेनदेन के दायरे में नहीं आता।
