Dhampur Bio Organics का Planetary SA से करार, भारत में Mycoprotein उत्पादन का विशेष अधिकार
Dhampur Bio Organics ने भारत में Mycoprotein उत्पादन के लिए Planetary SA से करार किया। शर्तों में 10 साल की शुरुआती अवधि और परिभाषित राजस्व पर 10% रॉयल्टी

Dhampur Bio Organics Ltd ने 19 अक्टूबर 2026 को BSE फाइलिंग में बताया कि उसने Switzerland की Planetary SA के साथ टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग समझौता किया है। उसी दिन दोपहर 2:30 बजे हुए इस करार के तहत कंपनी को भारत में Mycoprotein के विशेष उत्पादन का अधिकार मिलेगा। इससे पहले कंपनी ने 21 जनवरी 2026 को Planetary के साथ गैर-बाध्यकारी टर्म शीट की जानकारी दी थी।
समझौते के अनुसार, Dhampur Bio Organics उत्पादन के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण और संचालन करेगी। कंपनी Mycoprotein तथा संबंधित उत्पादों की निर्माता और आपूर्तिकर्ता होगी, जबकि Planetary तकनीक उपलब्ध कराने के साथ इन उत्पादों की खरीदार होगी। लाइसेंस प्राप्त तकनीक का इस्तेमाल करके उत्पादन भारत में किया जाएगा।
रॉयल्टी, शुल्क और समझौते की अवधि
कंपनी Planetary को समझौते में परिभाषित कर-पश्चात राजस्व का 10% लाइसेंस शुल्क या रॉयल्टी देगी। इसका भुगतान तिमाही आधार पर होगा। करार की अन्य वित्तीय और अवधि संबंधी शर्तें इस प्रकार हैं:
- इंजीनियरिंग, लॉन्च, इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग, प्रक्रिया प्रशिक्षण और हैंडओवर सहायता के लिए एकमुश्त लॉन्च शुल्क लगेगा। यह काम पूरा होने तक वास्तविक लागत के खुले ब्योरे और आपसी सहमति के आधार पर तय होगा।
- डेटा प्लेटफॉर्म के कॉन्फिगरेशन के लिए कंपनी एकमुश्त आईटी सेटअप शुल्क भी चुकाएगी। फाइलिंग में इन दोनों शुल्कों की राशि नहीं दी गई है।
- समझौते की शुरुआती अवधि प्रभावी तारीख से 10 वर्ष होगी, बशर्ते इसकी शर्तों के अनुसार पहले समाप्त न किया जाए। दोनों पक्ष लिखित सहमति से इसे पांच-पांच वर्ष की अतिरिक्त अवधियों के लिए बढ़ा सकेंगे।
व्यावसायीकरण और संयुक्त उद्यम की योजना
करार में व्यावसायीकरण और उत्पाद खरीद के लिए अलग समझौता करने का प्रावधान है। भारत में इन गतिविधियों के लिए संयुक्त उद्यम कंपनी स्थापित करने हेतु भी समझौता किया जाना है। फाइलिंग में संयुक्त उद्यम का हिस्सेदारी अनुपात लागू नहीं बताया गया है।
Planetary लाइसेंस प्राप्त बौद्धिक संपदा, शुरुआती प्रशिक्षण और सहमत तकनीकी सहायता देगी। Dhampur Bio Organics इसका इस्तेमाल केवल परियोजना और स्वीकृत सुविधा में करेगी। जरूरी मंजूरियां हासिल करना तथा गोपनीयता, ऑडिट, रिपोर्टिंग और बौद्धिक संपदा सुरक्षा की शर्तें निभाना कंपनी की जिम्मेदारी होगी।
कंपनी के अनुसार, चीनी और मोलासेस उत्पादन के कच्चे माल होंगे, जिससे यह कारोबार मौजूदा व्यवसाय का आगे का विस्तार बनेगा। कंपनी इससे नया राजस्व स्रोत और लाभप्रदता में वृद्धि की अपेक्षा करती है। इस व्यवस्था में संबंधित पक्ष का कोई लेनदेन शामिल नहीं है।
