Bhagyanagar India का भूमि सौदा बिक्री और संयुक्त विकास, दोनों हिस्सों में होगा। कंपनी ने 12 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ने उसी दिन Om Sree Builders and Developers LLP के साथ MoU को मंजूरी दी और इसे निष्पादित किया। हैदराबाद के IDA Uppal स्थित जमीन से जुड़ा यह समझौता शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। कंपनी इसके लिए प्रक्रिया आगे शुरू करेगी।

समझौते के दायरे में लगभग 20,080.52 वर्ग गज जमीन आती है। कंपनी इस गैर-परिचालन संपत्ति के एक हिस्से को सीधे बेचकर और बाकी हिस्से का संयुक्त विकास करके उसका मूल्य हासिल करना चाहती है। इसलिए ₹60 करोड़ की राशि केवल सीधे बेचे जाने वाले हिस्से का प्रतिफल है; संयुक्त विकास वाले हिस्से में कंपनी को बिक्री योग्य विकसित क्षेत्र का हिस्सा मिलेगा।

बिक्री और संयुक्त विकास की शर्तें

  • ₹60 करोड़ में 7,260 वर्ग गज, यानी 1.50 एकड़ जमीन, डेवलपर को सीधे बेची जाएगी। इसके लिए पहले बिक्री समझौता और उसके बाद बिक्री विलेख होगा।
  • शेष लगभग 12,820.52 वर्ग गज जमीन का संयुक्त विकास Development Agreement-cum-Irrevocable General Power of Attorney (DAGPA) के तहत होगा। फाइलिंग के संलग्न विवरण में इसका क्षेत्रफल 2.6489 एकड़ दिया गया है।
  • संयुक्त विकास वाले हिस्से के बिक्री योग्य क्षेत्र में कंपनी की हिस्सेदारी 30% और डेवलपर की 70% होगी। कंपनी के हिस्से में करीब 3 लाख वर्ग फुट विकसित क्षेत्र आने का उल्लेख है।

संपत्ति तेलंगाना के Medchal-Malkajgiri जिले में Uppal Khalsa Village, Uppal Mandal के अंतर्गत आती है। फाइलिंग में इसकी पहचान Survey No. 1, Block No. III, Plot Nos. A3/P और A2/P, IDA Uppal के रूप में दी गई है।

अंतिम दस्तावेजों के लिए छह महीने की अवधि

MoU के अनुसार DAGPA और बिक्री विलेख जैसे अंतिम दस्तावेज समझौते की तारीख से छह महीने के भीतर निष्पादित किए जाने हैं। दोनों पक्ष आपसी सहमति से दूसरी समयसीमा भी तय कर सकते हैं। अभी घोषित कदम MoU का निष्पादन है; फाइलिंग जमीन की बिक्री पूरी होने की पुष्टि नहीं करती।

कंपनी ने बताया कि डेवलपर का उसके प्रवर्तक, प्रवर्तक समूह या समूह कंपनियों से कोई संबंध नहीं है और यह संबंधित पक्ष का लेनदेन नहीं है। डेवलपर इकाई में कंपनी की शेयरहोल्डिंग भी शून्य है। समझौते से डेवलपर को बोर्ड में नामांकन, शेयर सदस्यता या पूंजी संरचना में बदलाव रोकने जैसे विशेष अधिकार नहीं मिलते। कंपनी ने हितों का कोई टकराव नहीं होने की भी जानकारी दी है।