Urban Company पूंजी जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी ले रही है। कंपनी ने 16 अक्टूबर, 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि प्रतिभूतियां जारी कर ₹2,500 करोड़ तक जुटाने का विशेष प्रस्ताव पोस्टल बैलट के जरिए सदस्यों के सामने रखा गया है। इस प्रस्ताव पर मतदान केवल रिमोट ई-वोटिंग से होगा।

प्रस्ताव में एक या अधिक किस्तों में इक्विटी शेयर अथवा इक्विटी में परिवर्तनीय प्रतिभूतियां जारी करने की अनुमति मांगी गई है। इनमें वारंट, पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर और परिवर्तनीय प्रेफरेंस शेयर शामिल हो सकते हैं। कुल सीमा में प्रतिभूतियों पर तय किया जाने वाला प्रीमियम भी शामिल होगा।

पूंजी जुटाने के विकल्पों में प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, निजी नियोजन और एक या अधिक Qualified Institutions Placement (QIP) शामिल हैं। कंपनी अन्य अनुमत तरीकों या इनके संयोजन का भी इस्तेमाल कर सकती है। फिलहाल यह मंजूरी लेने का प्रस्ताव है; फाइलिंग में पूंजी जुटाने की प्रक्रिया पूरी होने की घोषणा नहीं की गई है।

मतदान 17 अक्टूबर से, नतीजे 17 नवंबर तक

कंपनी ने ई-वोटिंग की सुविधा देने के लिए NSDL को नियुक्त किया है। मतदान और पात्रता की समयसीमा इस प्रकार है:

  • ई-वोटिंग 17 अक्टूबर, 2026 को सुबह 9 बजे शुरू होगी और 15 नवंबर, 2026 को शाम 5 बजे समाप्त होगी। दोनों समय भारतीय मानक समय के अनुसार हैं।
  • मतदान के लिए कट-ऑफ तारीख 14 अक्टूबर, 2026 है। सदस्यों के मताधिकार उस तारीख को उनकी इक्विटी हिस्सेदारी के अनुपात में होंगे।
  • नतीजे स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के साथ 17 नवंबर, 2026 तक घोषित किए जाएंगे और NSE तथा BSE को भेजे जाएंगे।

नोटिस पंजीकृत ईमेल पतों पर इलेक्ट्रॉनिक रूप में भेजा जा रहा है। भौतिक पोस्टल बैलट फॉर्म नहीं भेजे जाएंगे। एक बार मत डालने के बाद उसमें बदलाव की अनुमति नहीं होगी।

QIP चुने जाने पर लागू होंगी ये शर्तें

यदि कंपनी QIP का रास्ता चुनती है, तो आवंटन केवल पात्र संस्थागत खरीदारों को किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार आवंटन विशेष प्रस्ताव पारित होने के 365 दिनों के भीतर, या नियमों में अनुमत अन्य अवधि में, पूरा करना होगा। बोर्ड लागू नियमों के तहत QIP फ्लोर प्राइस पर अधिकतम 5% छूट दे सकेगा।

किसी एक आवंटी को इश्यू का 50% से अधिक हिस्सा नहीं दिया जाएगा। न्यूनतम 10% प्रतिभूतियां म्यूचुअल फंडों के लिए होंगी; उनकी पर्याप्त सदस्यता नहीं मिलने पर यह हिस्सा अन्य पात्र संस्थागत खरीदारों को दिया जा सकेगा।

मंजूरी मिलने पर बोर्ड लागू कानूनों और आवश्यक नियामकीय अनुमतियों के अधीन इश्यू का समय, कीमत, प्रतिभूतियों की संख्या और अन्य शर्तें तय कर सकेगा। QIP से प्राप्त राशि के उपयोग की निगरानी एजेंसी तिमाही रिपोर्ट देगी, जब तक पूरी राशि इस्तेमाल नहीं हो जाती।